Rajasthan Weather: राजस्थान में जुलाई के महीने में तेज बारिश होने की आशा की जा रही थी। वहीं लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है। मानसून की एंट्री के बाद अचानक से रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। आसमान में बादलों की आवाजाही तो है, लेकिन पानी नहीं बरस रहा है। बीते दिन यानी सोमवार की बात करें तो जयपुर समेत कई हिस्सों में बादल छाए रहे, लेकिन वर्षा देखने को नहीं मिली। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश देखने को नहीं मिली है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ रही है।
4 दिन और सताएगी उमस
बारिश का दौर रुकते ही मौसम फिर से जून जैसा हो गया है। लोगों को तपिश का एहसास हो रहा है। वहीं तेज सूरज की वजह से अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी हो रही है और लोगों का गर्मी से बुरा हाल हो रहा है। बीते दिन श्रीगंगानगर में 41.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो कि राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। इसके साथ ही आपको बता दें कि सीमावर्ती और पश्चिमी जिलों में भी गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। वहीं अगर अधिकतम तापमान की बात करें तो फलौदी में 39.4, बीकानेर में 39.2 और अलवर में 38.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया है। उमस और भीषण गर्मी से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून ट्रफ लाइन की स्थिति में बदलाव की वजह से राजस्थान में सामान्य रूप से होने वाली बारिश में कमी आई है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर बन रहे सिस्टम की वजह से आज पश्चिमी राजस्थान के दो सीमावर्ती जिलों, जैसलमेर और बीकानेर में हल्की बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बस अभी मानसून ब्रेक की स्थिति बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी में कमी होने की वजह से ऐसा हो रहा है।
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बताया जा रहा है कि आने वाले चार दिनों तक राजस्थान के लोगों को कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद ही राज्य में मानसून के फिर सक्रिय होने और मौसम का मिजाज बदलने की आशंका है।