Rajasthan News: राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी पढ़ाई जाएगी। 'शास्त्रीय मराठी भाषा अध्ययन केन्द्र' खुलेंगे। लोकभवन ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर शास्त्रीय मराठी भाषा के अध्ययन के लिए केन्द्र स्थापित करने को कहा है। दूसरी ओर राजस्थान के ज्यादातर विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के लिए भी विभाग या केन्द्र नहीं हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश के 4 विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा विभाग है। इनमें राजस्थान यूनिवर्सिटी जयपुर, जेएनवीयू जोधपुर, एमएलएसयू उदयपुर, एमजीएसयू बीकानेर हैं। कोटा ओपन राजस्थानी भाषा में यूजी-पीजी करवाती है। वहीं संस्कृत यूनिवर्सिटी में बुधवार को एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई। जिसमें लोकभवन से मिले पत्र पर चर्चा हुई और मराठी भाषा अध्ययन केन्द्र खोलने का प्रस्ताव पास हो गया। इस दौरान राजस्थानी भाषा के लिए भी केन्द्र खोलने का मुद्दा उठा। संस्कृत विवि के कुलगुरु प्रो. मदनमोहन झा ने बताया कि यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल ने मराठी अध्ययन केन्द्र के साथ ही राजस्थानी भाषा के लिए भी एक केन्द्र खोलने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि अब दूसरे विश्वविद्यालयों की एकेडमिक काउंसिल से लेकर सिंडिकेट में भी प्रस्ताव रखने की तैयारी चल रही है।
विश्वविद्यालयों को भेजे पत्र में कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्यपाल के समक्ष यहां शास्त्रीय मराठी भाषा अध्ययन के लिए केन्द्र स्थापित करने के संबंध में अभ्यावेदन प्रस्तुत दिया है। राज्यपाल द्वारा विश्वविद्यालयों में मराठी अध्ययन केन्द्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए शास्त्रीय मराठी भाषा हेतु केन्द्र स्थापित कराएं।
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केन्द्र से राजस्थानी भाषा को मान्यता मिलनी चाहिए ताकि इसकी शैली तैयार हो। पहले राजस्थानी भाषा ही पढ़ाई जानी चाहिए। प्रदेश में इसे मजबूत किया जाना चाहिए। छात्रों को दूसरी भाषा का ज्ञान मिले लेकिन पहले राजस्थानी का तो ज्ञान हो। अलग सेंटर का औचित्य कम लगता है।






