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Rajasthan Traffic Rules: राजस्थान में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती की जाएगी। वहीं बार-बार उल्लंघन करने पर लाइसेंस सस्पेंड और वाहन जब्त करने की तैयारी की जा रही है।

Rajasthan Traffic Rules: ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर अब सख्ती की जाएगी। ऐसे चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने के साथ वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। अजमेर पहुंचीं डीजी ट्रैफिक मालिनी अग्रवाल ने बैठक लेकर अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि यातायात व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, ऑनलाइन ई-चालान और दुर्घटनाओं के आंकड़ों के आधार पर हादसों की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित करने पर जोर दिया जा रहा है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को राजस्थान पुलिस की डीजी (ट्रैफिक) मालिनी अग्रवाल अजमेर दौरे पर रहीं। उन्होंने पुलिस लाइन में अजमेर रेंज आईजी, एसपी सहित जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में यातायात प्रबंधन, विभागीय प्रदर्शन, स्थानीय समस्याओं और तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई। डीजी मालिनी अग्रवाल ने कहा कि पहले यातायात प्रबंधन में मैनुअल व्यवस्था की भूमिका अधिक थी, लेकिन अब तकनीक का इस्तेमाल बेहद जरूरी हो गया है। आधुनिक यातायात व्यवस्था के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। इससे यातायात की निगरानी और नियमों की पालना सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी और ऑनलाइन ई-चालान प्रणाली के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (IRAD) के आंकड़ों के आधार पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान की जा रही है, ताकि ऐसे स्थानों पर जरूरी सुधार कर हादसों को रोकने के प्रयास किए जा सकें। डीजी ने स्पष्ट किया कि बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इनमें ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने और वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई शामिल है।

मालिनी अग्रवाल ने कहा कि यातायात प्रबंधन में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल तभी संभव है, जब पुलिसकर्मियों को इसकी पर्याप्त जानकारी और प्रशिक्षण मिले। इसी दिशा में पुलिस विभाग की नई भर्तियों और प्रशिक्षण को टेक्नोलॉजी ओरिएंटेड बनाया जा रहा है, ताकि पुलिसकर्मी आधुनिक प्रणालियों का बेहतर उपयोग कर सकें।

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