RGHS Scheme Rajasthan: राजस्थान में प्राइवेट अस्पतालों की 24 घंटे की हड़ताल खत्म होने के बाद ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं बुधवार से फिर शुरू हो गईं, लेकिन आरजीएचएस योजना के तहत इलाज अब भी बंद कर दिया गया है। इससे मरीजों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई जगह तो ऑपरेशन भी मना किए जा रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरजीएचएस में सभी प्राइवेट हॉस्पिटलों में इलाज बंद नहीं हुआ क्योंकि बुधवार को 6700 मरीजों ने आरजीएचएस का लाभ लिया। जयपुर में बुधवार को भी एसएमएस सहित अन्य सरकारी हॉस्पिटलों में काफी भीड़भाड़ रही।
आगे भी बंद रहेगी आरजीएचएस में सेवाएं
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा, सचिव डॉ. एनके अग्रवाल और जोनल सेक्रेट्री डॉ. अनुराग शर्मा ने कहा कि सरकार जब तक आरजीएचएस की विसंगतियों और खामियां दूर नहीं करेगी, तब तक आरजीएचएस में इलाज नहीं किया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरजीएचएस में इलाज अनिश्चितकालीन के लिए बंद है। इसके साथ ही उन्होने बताया कि बुधवार को हर जिले में कलेक्टरों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। साथ ही सरकार से मांग की है कि इस मामले में समिति बनाकर कमियां दूर की जाए। वहीं प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट डॉ. विजय कपूर ने कहा कि आगे भी आरजीएचएस में सेवाएं बंद रहेगी।
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विवाद का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्राइवेट हॉस्पिटलों के एसोसिएशन ने भले ही आरजीएचएस में इलाज बंद करने की घोषणा की है, लेकिन कई जगह इलाज जारी रहा। क्योंकि चिकित्सा विभाग ने आंकड़े जारी कर बताया कि मंगलवार को प्राइवेट हॉस्पिटलों में करीब 9 हजार और बुधवार को 6700 मरीजों ने आरजीएचएस में इलाज कराया है। आरजीएचएस को लेकर जारी विवाद का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है, और जब तक सरकार व निजी अस्पतालों के बीच सहमति नहीं बनती, तब तक यह समस्या बनी रह सकती है।