Rajasthan News: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने पंचायत चुनाव और निकाय चुनावों को लेकर बढ़ा फैसला किया है। जिसके बाद साफ हो गया है कि अनपढ़ लोग पहले की भांति सरपंच और पार्षद बन सकेंगे। सीएम भजनलाल के निर्देश पर पंचायती राज विभाग ने यह फैसला किया है। इसके अलावा दो से अधिक बच्चे वाले लोगों के चुनाव लड़ने पर से रोक हटाने की बात कही जा रही है। लेकिन यह इतना आसान नहीं है, इसके लिए पूरी प्रक्रिया को समझने की जरुरत है।
राजस्थान विधानसभा में सीएम भजनलाल के मंत्री झाबरमल खर्रा ने पंचायत चुनावों को लेकर सरकार का रूख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अनपढ़ लोगों के सरपंच और पार्षद चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का सरकार का कोई विचार नहीं है। इससे साफ हो गया कि अप्रैल तक होने वाले पंचायत चुनावों में अनपढ़ लोग सरपंच का चुनाव लड़ सकेंगे। लेकिन दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों के चुनाव लड़ने पर अभी भी संशय है।
इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे दो से अधिक बच्चों के अभिभावक
राजस्थान विधानसभा में कैबिनेट मंत्री झाबरमल खर्रा ने भले यह कहा है कि सरकार विधेयक लेकर आएगी और दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक को हटाएगी। लेकिन विधानसभा के इस सत्र में इस विधेयक का आना बड़ा मुश्किल है।
भजनलाल सरकार अगर खूब जल्दबाजी करके विधेयक ले भी आती है तो राज्यपाल से मंजूरी मिलना और उसका नोटिफिकेशन जारी करने का काम भी पंचायत चुनावों तक हो पाना संभव नहीं है। ऐसे में भले भविष्य में दो से अधिक बच्चों के माता-पिता सरपंच का चुनाव लड़ पाएं। लेकिन आगामी पंचायत चुनाव और निकाय चुनावों में इस बात की काफी कम संभावना है कि दो से अधिक संतानों के माता-पिता चुनाव लड़ पाएंगे।
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