Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा के बजट सेशन में शुक्रवार का दिन अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार आज सदन में चर्चा के बाद डिस्टर्ब्ड एरिया प्रोटेक्शन बिल 2026 पास करने की तैयारी कर रही है। विपक्ष पहले से ही इस प्रस्तावित कानून का विरोध कर रहा है, और विधानसभा में इस पर तीखी बहस और हंगामे की उम्मीद है।

सरकार का कहना है कि यह बिल सरकार द्वारा "डिस्टर्ब्ड एरिया" घोषित किए गए इलाकों में प्रॉपर्टी के लेन-देन को रेगुलेट करेगा। ऐसे इलाकों में जमीन या घर का ट्रांसफर बिना सक्षम अथॉरिटी की इजाजत के नहीं हो पाएगा। किराएदारों को मनमाने ढंग से बेदखल होने से बचाने के लिए भी प्रावधान प्रस्तावित हैं।

प्रश्नकाल से शुरू होगी कार्यवाही

विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी। आज के लिए 22 स्टार वाले और 24 अनस्टार वाले सवाल लिस्ट किए गए हैं। इन सवालों में सरकार से अलग-अलग डिपार्टमेंट से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा जाएगा। इनमें डिप्टी चीफ मिनिस्टर के तहत आने वाले डिपार्टमेंट के साथ-साथ एग्रीकल्चर, एजुकेशन, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग, वॉटर रिसोर्स, सोशल जस्टिस, कोऑपरेशन और अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट शामिल हैं।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे

सेशन के दौरान, कई MLA अलग-अलग मुद्दों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश करेंगे। मेवाड़ इलाके में कॉलेजों की एफिलिएशन के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग उठाई जा सकती है। एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी सदन में उठाए जाने की संभावना है।

पब्लिक इंटरेस्ट पिटीशन

कई MLA अपने-अपने इलाकों से जुड़े पब्लिक इंटरेस्ट के मुद्दों पर असेंबली में पिटीशन भी पेश करेंगे। इनमें नए एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन खोलने, हेल्थ सर्विसेज को अपग्रेड करने, सड़क और पुल बनाने और अलग-अलग शहरी इलाकों से जुड़े डेवलपमेंट के कामों की मांगें शामिल होंगी।

डिस्टर्ब्ड एरिया बिल क्या है?

प्रस्तावित बिल के तहत, सरकार उन इलाकों को डिस्टर्ब्ड घोषित कर सकेगी जहां कम्युनल टेंशन, दंगे या लॉ एंड ऑर्डर की दिक्कतों का खतरा है। इन इलाकों में बिना इजाजत प्रॉपर्टी ट्रांसफर करना गैर-कानूनी माना जाएगा। अथॉरिटी यह भी जांच करेगी कि प्रॉपर्टी का लेन-देन अपनी मर्जी से किया जा रहा है या दबाव में।

सरकार का तर्क है कि कभी-कभी, तनाव की स्थिति में, लोग डर या दबाव के कारण अपनी प्रॉपर्टी बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं, और इसे रोकने के लिए यह कानून लाया जा रहा है।

विपक्ष का विरोध, हंगामे की उम्मीद

विपक्ष इस बिल को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। उनका कहना है कि इससे प्रॉपर्टी के लेन-देन पर बहुत ज़्यादा कंट्रोल हो सकता है और कई संवैधानिक मुद्दे उठ सकते हैं। इसलिए, जब बिल पास होने के लिए सदन में पेश किया जाएगा, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की उम्मीद है।

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