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Rajasthan Highcourt: राजस्थान हाई कोर्ट ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज यश दयाल को बड़ा झटका देते हुए रेप केस में राहत देने से इनकार कर दिया है। जानें क्या है पूरा मामला। 

Rajasthan Highcourt: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज यश दयाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। राजस्थान हाई कोर्ट ने रेप मामले में क्रिकेटर यश दयाल को राहत देने से इनकार कर दिया है। बता दें कि आज यानी 9 जनवरी को राजस्थान हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई हुई, लेकिन हाई कोर्ट ने साफ कर दिया कि अभी यश दयाल को कोई राहत नहीं मिलेगी और अब इस मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी को होने वाली है। 

पॉक्सो कोर्ट से यश को लग चुका है झटका

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में यश दयाल को पहले ही पॉक्सो कोर्ट से 22 दिसंबर 2025 को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया जा चुका था, जिसके बाद यश दयाल इस मामले को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट में पहुंचे, लेकिन यहां भी रेप के मामले में उन्हें राहत नहीं दी गई। जस्टिस प्रवीण भटनागर की अदालत ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी और कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी। 

इसको लेकर यश दयाल के वकील चंद्रशेखर शर्मा ने बहस के दौरान कहा कि पीड़िता का मकसद सिर्फ क्रिकेटर यश दयाल को ब्लैकमेल करना है। इसी कारण से यह आरोप लगाया गया है और इसके लिए उन्होंने कोर्ट में जज के सामने अपने कुछ तर्क भी पेश किया।

यश के वकील ने दिए कोर्ट ने ये तर्क 

यश दयाल की ओर से वकील चंद्रशेखर शर्मा ने तर्क देते हुए कहा कि पीड़िता घटना साल 2023 में कानपुर की बता रही है, लेकिन इस मामले में केस दर्ज करवाया इससे 2 साल बाद जयपुर के सांगानेर थाने में करवाया। उन्होंने दूसरा तर्क दिया कि अगर घटना कानपुर की है, तो सांगानेर सदर थाना पुलिस के किस क्षेत्र अधिकार के तहत यह मामला दर्ज किया गया।

वकील ने तीसरा तर्क देते हुए कहा कि पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि वह घटना के समय नाबालिक थी और इस कारण से उन्होंने अपने रिश्तेदार की आईडी से होटल में कमरा बुक करवाया था,लेकिन फिर भी पुलिस ने रिश्तेदार से पूछताछ करना ठीक नहीं समझा। 

निजी लाभ के लिए यश को फंसाया जा रहा है- यश के वकील

यश दयाल के वकील ने आगे यह भी कहा कि पीड़िता से क्रिकेटर हमेशा सार्वजनिक जगह पर मुलाकात करता रहा और अपनी टीम के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में भी उससे मुलाकात की। वह कभी एकांत जगह पर नहीं मिले और मुलाकात के दौरान भी पीड़िता ने नहीं बताया था कि वह 18 साल से कम उम्र की है।

यहां तक कि जब उन्होंने FIR दर्ज करवाया, तब भी उन्होंने नहीं कहा था कि रेप की घटना के समय उसकी उम्र 18 साल से कम थी। इससे तो यही प्रतीत होता है कि यश दयाल को जबरन निजी ख्वाहिशों के लिए फसाया जा रहा है। 

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