Government School Update: प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में आज एक साथ फिजिकल इंस्पेक्शन होगा। अधिकारियों की टीमें जर्जर भवन से लेकर क्लासरूम, पेयजल, शौचालय और जल निकासी की व्यवस्था जांचेंगी। छात्र संख्या के मुकाबले जरूरत से ज्यादा शिक्षक मिलने पर उन्हें चिन्हित कर 27 अगस्त तक जरूरत वाले स्कूलों में लगाने के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। स्कूल भवन की जर्जर स्थिति के साथ जरूरत से ज्यादा शिक्षकों व समस्याओं की जानकारी कलेक्टर को दी जाएगी।
शहरी में यूसीईईओ, ग्रामीण में पीईईओ करेंगे निरीक्षण
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर बड़े और पुराने स्कूल के प्रिंसिपल आसपास के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। शहरी क्षेत्रों में यूसीईईओ और ग्रामीण क्षेत्रों में पीईईओ इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस दौरान छात्र-शिक्षक अनुपात की समीक्षा होगी। जरूरत से ज्यादा शिक्षकों को जरूरत वाले स्कूलों में लगाने के प्रस्ताव 27 अगस्त सुबह 11 बजे तक सीबीईओ को भेजने होंगे।
भवन, सुविधाओं और जलभराव की होगी जांच
निरीक्षण में एक-एक क्लास रूम और भवन की स्थिति देखी जाएगी। दीवारों में सीलन, पट्टियां दरकने या भवन जर्जर होने पर रिपोर्ट देनी होगी। स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पोषाहार कक्ष, छत की सफाई और जल निकासी व्यवस्था भी जांची जाएगी। परिसर या आसपास जलभराव मिलने पर पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
27 अगस्त तक शाला दर्पण पर होगा अपडेट
भौतिक सत्यापन के बाद आधारभूत सुविधाओं की सभी प्रविष्टियां शाला दर्पण के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉड्यूल में 27 अगस्त तक अपडेट करनी होंगी। जर्जर भवन के कारण दूसरे सरकारी या निजी भवन में संचालित स्कूलों में कक्षा-कक्ष, पेयजल और शौचालय की उपलब्धता भी देखी जाएगी। पीईईओ या यूसीईईओ स्तर पर समाधान नहीं होने वाली गंभीर समस्या की सूचना सीबीईओ के माध्यम से मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी, जो जरूरत होने पर कलेक्टर को अवगत कराकर समाधान कराएंगे।