Rajasthan Government: ड्रग माफिया और नशा तस्करों की अब खैर नहीं। नशा तस्करों की अवैध बिल्डिंगों पर अब बुलडोजर चलाए जाएंगे और संपत्तियां कुर्क की जाएंगी। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इसके लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेंगे और आपसी समन्वय के साथ बेहतर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
CM का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को गृह विभाग की हाईलेवल मीटिंग में अहम फैसला लिया है। आपको बता दें कि उन्होंने मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े गिरोहों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा है कि पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत माफियाओं को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए और नशे के काले कारोबार में शामिल संगठित गिरोहों के छोटे-बड़े सभी नेटवकों को खत्म किया जाए।
मॉडिफाइड वाहनों पर भी शिकंजा
अपराधी अक्सर वाहनों में अवैध रूप से बदलाव (मॉडिफिकेशन) कराकर उसकी आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। ऐसे वाहन सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने पुलिस, परिवहन और प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त टीम बनाकर अवैध मॉडिफिकेशन वाले वाहनों के खिलाफ राज्यव्यापी सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए।
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाहनों के शीशों पर काली फिल्म, अपारदर्शी सामग्री लगाने और वाहनों पर अवैध प्रतीकों या नेमप्लेट का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। मीटिंग में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और महिला समूहों को नशा विरोधी अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। ऐसे में सरकार का कहना है कि केवल पुलिसिया कार्रवाई से इस सामाजिक बुराई का स्थायी समाधान संभव नहीं है। आपको बता दें कि बैठक में सीएस वी. श्रीनिवास, डीजीपी राजीव शर्मा, एसीएस अखिल अरोड़ा मौजूद थे।






