Rajasthan Public Hearing: राजस्थान के दोसा जिले में प्रभारी मंत्री राज्यवर्धन सिंह की जनसुनवाई के दौरान एक बड़ा ही अनोखा नजारा देखने को मिला। पंचोली गांव में जनसुनवाई के दौरान ठीक उस समय बिजली चली गई। जब लोग सबसे ज्यादा बिजली की शिकायत लेकर आए थे। अंधेरे ने व्यवस्था की पोल खोल दी। ऐसे में लोगों ने अपने मोबाइल के टॉर्च जलाकर अपनी बातें कहीं। बिजली की परेशानी मंत्री के सामने खुद ही आ गई। लगभग 20 मिनट तक लाइट नहीं आई और अधिकारियों को मोबाइल की टॉर्च जलानी पड़ी।

बिजली जाने के बाद पूरे पंडाल में अंधेरा हो गया

आपको बता दें यह मामला पंचोली गांव स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान पर रात 8:00 बजे हुआ। वहीं बिजली जाने के बाद पूरे पंडाल में अंधेरा हो गया। मंच पर बैठे प्रभारी मंत्री कलेक्टर और एसपी भी अंधेरे में ही बैठे रहे। इसी बीच जिला परिषद सीईओ बीरदीचंद गंगवाल सुमित कई अधिकारी मोबाइल में फ्लैशलाइट जलाकर खड़े रहे। इस दौरान आप परेशानियों को लेकर ग्राम पंचायत प्रशासन के लापरवाही उजागर हुई। लाइट जाने के बाद भी कार्यक्रम रुका नहीं। लोगों ने मंत्री के सामने अपनी शिकायतें एक-एक-करके लोगों ने अपनी परेशानी बताई। ज्यादातर शिकायतें बिजली को लेकर ही थे। जिसमें बिजली कटौती, ट्रांसफार्मर फेल, लो वोल्टेज और बिलों की अधिकताथा की शिकायतें सामने आईं।

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राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लोगों को आश्वासन दिया

ऐसे में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लोगों को आश्वासन दिया है कि वह व्यक्तिगत रूप से बिजली विभाग के समीक्षा करेंगे और इस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी। वहीं पंचोली गांव की यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई है की जनसुनवाई केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि मौके पर ही व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति भी आमने-सामने आनी चाहिए।