Narmada Canal: राज्य के किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने अब नर्मदा नहर प्रोजेक्ट के आखिरी छोर तक पानी पहुंचाने के लिए पक्की तैयारी शुरू कर दी है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विधानसभा में बताया कि मानसून के मौसम में मिलने वाले सरप्लस पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने, पानी का संचयन और स्टोरेज बढ़ाने के लिए जलाशय बनाए जाएंगे।

मंत्री ने बताया कि इसके लिए एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इस काम के लिए 2026-27 के बजट में ₹2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, नहर के आखिरी छोर तक रेगुलर पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए ₹1.96 करोड़ की लागत से एक अलग DPR तैयार की जा रही है, और प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर 26 दिसंबर, 2025 को जारी कर दिया गया है।

प्रश्नकाल के दौरान सप्लीमेंट्री सवालों के जवाब में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में पिछले दो सालों में राज्य में अच्छी बारिश हुई है, जिससे पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है। सरकार इस मौके का फायदा उठा रही है और भविष्य में सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए सरप्लस पानी बचाने के लिए एक लॉन्ग-टर्म प्लान पर काम कर रही है।

प्रोजेक्ट के ऑपरेशन को आसान बनाने के लिए डिपार्टमेंट के स्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जा रहा है। असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर और जूनियर असिस्टेंट के खाली पदों को भरने का प्रोसेस तेज कर दिया गया है। इन पदों के लिए प्रपोजल राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन और सबऑर्डिनेट सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड को भेज दिए गए हैं। कम से कम जरूरतों के आधार पर जरूरी जगहों पर लोगों को तैनात किया जाएगा, ताकि नहर का ऑपरेशन और मॉनिटरिंग बेहतर हो सके।

हालांकि मंत्री ने साफ किया कि सरप्लस पानी की कम उपलब्धता के कारण प्रोजेक्ट के कमांड एरिया में और इलाकों को शामिल करने पर अभी विचार नहीं किया जा रहा है, लेकिन सरकार का फोकस मौजूदा सिंचाई वाले इलाकों का फायदा ज्यादा से ज्यादा करने पर है।

इस पहल से हजारों किसानों को सिंचाई में पक्की राहत मिलने और राज्य में खेती की पैदावार बढ़ाने की संभावना मजबूत होने की उम्मीद है।

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