Road Potholes: मानसून में बारिश के साथ सड़कों पर उभरने वाले गड्डों से निपटने के लिए सरकार ने 5 सड़क पर गड्ढे खोजने और फिर जीपीएस से उनकी मरम्मत का हिसाब रखने का सिस्टम तैयार किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नियमित सर्वे-गश्त के जरिए सड़कों पर गड्ढे चिह्नित किए जा रहे हैं। इसके बाद 48 से 72 घंटे के भीतर कोल्ड मिक्स या हॉट मिक्स से पैच रिपेयर कराने का टारगेट है।
मिली जानकारी के मुताबिक, अब सड़क पर गड्डा मिलने से लेकर उसके भरने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल निगरानी में रहेगी। मरम्मत के बाद जीपीएस फोटो और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए यह भी वेरिफाई किया जाएगा कि जहां गड्डा मिला था, वहीं वास्तव में रिपेयर हुआ या नहीं।
आपको बता दें कि 'सुगम पथ पोर्टल' के जरिए काम की प्रगति पर नजर रखी जा रही है। अभियान की सबसे खास बात इसका डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम है। पैच रिपेयर के बाद GPS फोटो और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए काम का सत्यापन किया जा रहा है। इससे संबंधित सड़क का स्थान, चिन्हित गड्डा, मरम्मत की स्थिति और कार्य की प्रगति रिकॉर्ड में रहेगी।








