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Udaipur Mavli: मावली के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने शनिवार को 8 साल पुराने मामले में एक बड़ा फैसला लिया है। आइए जानते हैं पूरी जानकारी।

Udaipur Mavli: मावली के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल किशन लाल उर्फ किशन दास को 8 साल पहले अपनी पत्नी लक्ष्मी को आग लगाकर बेरहमी से मारने के जुर्म में फांसी की सजा सुना दी गई है। इतना ही नहीं बल्कि अदालत ने दोषी पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।

क्रूर तानों में निहित अपराध

दरअसल यह मामला 2017 का है। नवानिया निवासी किशन लाल ने अपनी पत्नी के साथ एक दिल दहला देने वाला कृत्य किया। रिकॉर्ड के मुताबिक किशन अक्सर अपनी पत्नी को उसके सांवले रंग और शरीर के वजन को लेकर ताना मारता रहता था। उसका कहना था कि उसकी पत्नी उसके लायक नहीं है। 

एक रोज लगभग आधी रात को किशन ने लक्ष्मी को एक रसायन की शीशी लाकर दी। किशन ने कहा कि इसे लगाने से उसका रंग गोरा हो जाएगा। जब लक्ष्मी ने मना किया तो किशन ने जबरदस्ती वह रसायन लगाया और फिर अगरबत्ती से उसे आग भी लगा दी।

चौंकाने वाली क्रूरता 

जैसे ही वह आग की लपटों में घिरी किशन ने उस पर तेजाब की एक और बोतल डाल दी। उसकी चीख पुकार सुनकर उसके ससुराल वाले सतर्क को हो गए और आग बुझाने के लिए दौड़े। ससुराल वाले उसे अस्पताल ले गए और उसे बचाने की तमाम कोशिश की। लेकिन इलाज के दौरान लक्ष्मी ने दम तोड़ दिया। 

मृत्यु से पहले उसने अस्पताल में मजिस्ट्रेट को बयान दिया था। उसने बताया कि कैसे उसके पति ने उसे आग लगने से पहले धोखा दिया और प्रताड़ित किया। इस गवाही के बल पर ही पूरी कार्रवाई की गई।

8 साल की सुनवाई न्याय के साथ समाप्त 

यह मुकदमा लगभग 8 साल तक चला। मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक विश्लेषण और लक्ष्मी के बयान जैसे सबूत के आधार पर ही अदालत ने इस फैसले को लिया। अब अदालत ने कार्यवाही पूरी की और इस कृत्य को अमानवीय, क्रूर और सामाजिक सहनशीलता से परे बताते हुए फांसी की सजा सुना दी।

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