Kota News: कोटा में लंबे समय से पेट दर्द से परेशान एक युवती के पेट में 12 सेंटीमीटर की बड़ी गांठ मिली है। आपको बता दें कि डॉक्टरों ने आधुनिक तकनीक से बिना बड़ा चीरा लगाए करीब डेढ़ घंटे में ऑपरेशन कर गांठ निकाल दी गई है। वहीं, सर्जरी के बाद युवती पूरी तरह स्वस्थ है और उसे लंबे समय से हो रही दर्द की समस्या से राहत मिली है।

बिना बड़े चीरे के निकाली गांठ

मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र गोयल ने बताया कि 20 साल की रूबी नाम की मरीज पेट दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंची थी। जांच के दौरान दाहिनी एड्रिनल ग्रंथि (अधिवृक्क ग्रंथि) में लगभग 12 सेंटीमीटर आकार का बड़ा ट्यूमर पाया गया। डॉ. गोयल ने बताया कि इस उम्र में इतना बड़ा ट्यूमर दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। जरूरी जांचों के बाद ट्यूमर को लेप्रोस्कोपिक तकनीक से निकालने का निर्णय लिया गया और यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। युवती को गुरुवार को अस्पताल में भर्ती किया गया था। दूसरे दिन शुक्रवार को उसे ऑपरेट किया गया। करीब डेढ़ घंटे चले ऑपरेशन के बाद ट्यूमर को पेट से निकाल दिया गया।

कोटा में 20 वर्षीय युवती की जटिल सर्जरी सफल

ऐसे में राहत की बात यह है कि युवती अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है। डॉक्टर्स के अनुसार अक्सर ऐसी जटिल और जोखिम भरी सर्जरी के लिए मरीजों को जयपुर, दिल्ली या बड़े प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। लेकिन अस्पताल में यह ऑपरेशन निशुल्क हुआ है। लेप्रोस्कोपिक तकनीक के कारण ऑपरेशन के दौरान नाममात्र का खून बहा और मरीज बहुत जल्दी ठीक हो गई। डॉ. शैलेन्द्र गोयल ने बताया कि इस सफल सर्जरी से यह साबित हो गया है कि अब अधिवृक्क ग्रंथि और यूरोलॉजी से जुड़ी जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज अपने ही शहर में उपलब्ध है। कोटा के मरीजों को अब बड़े शहरों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।