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JLN Hospital Update: जेएलएन अस्पताल में बिजली फॉल्ट होने पर भी दूसरी लाइनों की सप्लाई जारी रहेगी। ऐसे में नया रिंग सिस्टम बनेगा।

JLN Hospital Update: जेएलएन अस्पताल में बार-बार बिजली ट्रिपिंग की समस्या दूर करने के लिए 11 केवी सब स्टेशन पर लगे पुराने जीओडीओ को हटाकर आरएमयू (रिंग मेन यूनिट) विंग बनाई जाएगी। इसके लिए राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी ने 9.46 लाख रुपए का बजट मंजूर किया है। वहीं निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्लूडी को दी गई है। अगले कुछ दिनों में काम शुरू होने की संभावना है। वहीं बैठक में सब स्टेशन के उपकरण बदलने और आरएमयू विंग बनाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए वित्तीय स्वीकृति भी जारी की गई।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नया रिंग सिस्टम बनाने के लिए पीडब्लूडी को करीब 10 लाख का बजट जारी किया गया है। सभी पुरानी लाइनें और उपकरण भी बदले जाएंगे। इससे बिजली संबंधी समस्या दूर होने की उम्मीद है। जेएलएन के 11 केवी सब स्टेशन पर फिलहाल जीओडीओ लगा है। इसमें दो विद्युत पोल के बीच स्विच लाइन होती है और फ्यूज के जरिए खराबी दूर की जाती है। 

बता दें कि किसी वायर में फॉल्ट आने पर संबंधित लाइन की सप्लाई बंद करवानी पड़ती है। इसके बाद कर्मचारी मैन्युअली फ्यूज निकालकर या लाइन अलग करके खराबी ठीक करते हैं। इस दौरान करंट लगने का खतरा रहता है। बारिश में परेशानी बढ़ जाती है। एक लाइन में खराबी आने पर उससे जुड़ी अन्य लाइनें भी बंद हो सकती हैं। आरएमयू यानी रिंग मेन यूनिट में फॉल्ट वाली लाइन को अलग किया जा सकेगा, जबकि दूसरी लाइनों से बिजली सप्लाई जारी रहेगी।

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