JDA Project: मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से राहत देने के लिए जेडीए ने पहली बार स्टॉर्म वॉटर ड्रेन प्रोजेक्ट तैयार किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह प्रोजेक्ट अजमेर रोड, मानसरोवर, मुहाना मंडी, स्वर्ण विहार और सांगानेर क्षेत्र की 500 कॉलोनियों तथा करीब 3 हजार हेक्टेयर एरिया को कवर करेगा। वहीं जेडीए ने पिछले 40 वर्षों के मानसून सीजन और एक दिन में हुई अधिकतम बारिश के आंकड़ों का अध्ययन कर डीपीआर तैयार की है। आपको बताते चलें कि फिलहाल प्रोजेक्ट टेंडर प्रक्रिया में है। मिली जानकारी के मुताबिक मानसून के बाद पहले फेज का काम शुरू होगा।

87 किमी लंबी ड्रेन लाइन डाली जाएगी

बता दें कि प्रोजेक्ट के तहत तीन फेज में 87 किमी लंबी ड्रेन लाइन डाली जाएगी। पृथ्वीराज नगर, सांगानेर और मुहाना मंडी क्षेत्र में 100, 80 और 60 फीट चौड़ी सड़कों के समानांतर 1×1 मीटर से 2×2.5 मीटर आकार के बॉक्स बनाए जाएंगे। अजमेर रोड से शुरू होकर यह ड्रेन मुहाना नहर के जरिए गुलर नहर से जुड़ते हुए नेवटा बांध तक पानी की निकासी करेगी। यह सिस्टम एक घंटे में 300 मिमी तक बारिश होने पर भी जलभराव की स्थिति से निपटने में सक्षम होगा। इसे अगले 30 वर्षों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

पहले फेज में सांगानेर जोन-8 में काम शुरू होगा

प्रोजेक्ट को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। मानसून के बाद पहले फेज में सांगानेर जोन-8 में काम शुरू होगा। इसके बाद दूसरे और तीसरे फेज में पीआरएन साउथ, नारायण विहार और अजमेर रोड क्षेत्र में काम किया जाएगा। वित्तीय स्वीकृति के बाद पहले फेज का टेंडर जारी कर दिया है। अगस्त 2028 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने की प्लानिंग है।