Asha Bhosle Death: संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोंसले हमेशा के लिए अलविदा कह कर चली गई हैं, लेकिन उनकी आवाज आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा है और हमेशा रहेगी। आशा भोंसले एक बहुत ही अच्छी सिंगर होने के साथ वे एक सच्ची इंसान भी थी। आपको बता दें कि साल पूरा देश शोक और गुस्से में डूबा हुआ था। उसी समय वे एक कार्यक्रम के सिलसिले में जोधपुर पहुंची थीं। वहीं उस समय मीडिया से बातचीत के दौरान उनका भावुक रूप सामने आया था।

अगर वे जवान होतीं तो देश की सेनमा में जरूर शामिल हो जातीं

बातचीत के दौरान उनकी आंखों में आंसू थे और शब्दों में देश के लिए गहरा दर्द साफ झलक रहा था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि वे भले ही अभी कुछ न कर सकती, लेकिन अगर वे जवान होतीं तो देश की सेनमा में जरूर शामिल हो जातीं। उनके इस बयान की देशभर में सराहना हुई थी। वहीं कुछ लेख लोग कहते हुए नजर आए थे कि यह एक अच्छे कलाकार की पहचान है कि वह अपने देश के लिए कितने ही सच्चे और ईमानदार हैं।

यह भी पढ़ें- Rajasthan Farmer News: बेमौसम बारिश से परेशान किसानों को राहत, गेहूं खरीद नियमों में ढील

 डिंगल भाषा में भजन और भोग आरती गई थी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आशा भोंसले का राजस्थान से गहरा लगाव रहा है। वहीं बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने बीकानेर के देशनोक स्थित करणी मंदिर के लिए डिंगल भाषा में भजन और भोग आरती गई थी। लगभग 7 साल पहले यह रिकॉर्ड किया गया था, जिसकी खास एल्बम में उन्होंने कठिन मानी जाने वाली डिंगल भाषा को अपनी साधना से जीवंत कर दिया था। आज भले ही वे हम लोग के बीच नहीं, लेकिन सच्चाई यही है कि आशा भोंसले का योगदान, उनकी आवाज और उनकी देशभक्ति की भावना हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी।