Rajasthan Election: आचार संहिता लागू होते ही निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बैठक कर गठित प्रकोष्ठों को सक्रिय कर दिया है। नगर निगम के 80 वाडों में चुनाव कराने के लिए एडीए सिटी प्रवीण गुगरवाल, एसडीएम पदमा देवी, अजमेर विकास प्राधिकरण की उपायुक्त शीला चौधरी तथा सहायक कलेक्टर दिव्या सोनी को रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) नियुक्त किया गया है। आचार संहिता के दौरान मंत्री और नेता सरकारी गाड़ी से प्रचार नहीं कर सकेंगे। सरकारी गेस्ट हाउस में ठहर कर प्रचार करने पर भी रोक रहेगी। नई घोषणाएं, शिलान्यास और उद्घाटन नहीं किए जा सकेंगे। सरकारी संपत्तियों, वाहनों और सार्वजनिक स्थानों के राजनीतिक इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सरकारी कार्यालयों में राजनीतिक व्यक्तियों के फोटो, तस्वीरें, पोस्टर और बैनर भी हटाए जाएंगे। सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर निगरानी रखी जाएगी। जिला स्तर पर संबंधित विभाग और स्थानीय निकाय तत्काल कार्रवाई करेंगे। हटाए गए होर्डिंग, दीवार लेखन, बैनर, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। सार्वजनिक संपत्तियों और स्थानों पर लगे राजनीतिक पोस्टर, बैनर, होर्डिंग आदि 48 घंटे के भीतर हटाए जाएंगे। सार्वजनिक संपत्ति के विरूपण को भी इस अवधि में समाप्त करने की कार्रवाई होगी। निजी संपत्तियों पर लगे राजनीतिक होर्डिंग, दीवार लेखन, बैनर, पोस्टर और फ्लेक्स की भी निगरानी होगी।
चार-चार टीमों से निगरानी, मॉनिटरिंग ऑनलाइनः नगर निगम, एडीए तथा नगर परिषद किशनगढ़-पुष्कर और संबंधित नगर पालिका क्षेत्रों में अलग-अलग टीमों के गठन के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकाय और प्राधिकरण में एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर टीमों का गठन किया जाएगा। ये टीमें 24, 48 और 72 घंटे की समयसीमा के अनुसार कार्रवाई कराएंगी। मॉनिटरिंग ऑनलाइन होगी।
पहले शुरू हुए काम और नए काम पर नजरः निकाय चुनाव के दौरान चल रहे विकास और निर्माण कार्यों की भी निगरानी रहेगी। चुनाव अवधि में नए विकास कार्य शुरू करने और सरकारी संसाधनों के राजनीतिक इस्तेमाल पर विशेष नजर रहेगी।








