Rajasthan Tourism: अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) शहर के ऐतिहासिक चौरसियावास तालाब को पर्यटन और मनोरंजन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने जा रहा है। तीसरी बार इस परियोजना को गति मिली है और टेंडर प्रक्रिया में दो कंपनियों ने भाग लिया है। फिलहाल तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
इस परियोजना पर 3.85 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बजट घोषणा के तहत इस परियोजना पर 3.85 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत तालाब के आसपास लैंडस्केपिंग, फुटपाथ का विस्तार, लाइटिंग, घाट निर्माण, बेंच, रेलिंग और हरियाली विकसित की जाएगी। इसे आनासागर चौपाटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। एडीए इसे आनासागर चौपाटी की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी में है, ताकि यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
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पर्यटक सुबह-शाम सैर कर सकेंगे
ऐसे में तालाब किनारे पाथवे बनने से स्थानीय लोग और पर्यटक सुबह-शाम सैर कर सकेंगे। तत्कालीन कलेक्टर आरती डोगरा के कार्यकाल में इसके विकास की योजना तैयार की गई थी। पिछले वर्ष 30 साल बाद तालाब में पानी आने के बाद सरकार ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। करीब 560 साल पुराने इस तालाब के लिए नगर निगम ने पहले ही 2 करोड़ रुपए खर्च कर पाल का विकास, वॉकवे, लाइटिंग और लैंडस्केपिंग का कार्य किया है। बजट घोषणा के तहत वरुण सागर में 60 लाख रुपए की लागत से 15 फीट ऊंची अष्टधातु की भगवान झूलेलाल (वरुण अवतार) की मूर्ति स्थापित की जाएगी। वरुण सागर को नया पिकनिक स्पॉट बनाने की योजना है।