Bharatpur Corruption: भरतपुर के रूपवास थाने से भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रूपवास थाने के एक एएसआई प्रवीण कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की यह कार्रवाई कल यानी सोमवार को देखने को मिली, जब ब्यूरो ने प्रवीण कुमार को ₹12000 रिश्वत लेते रंगे हाथों की रफ्तार कर लिया। चलिए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला। 

जानें क्या है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी साल के 2 फरवरी को एक परिवार रूपवास थाने में शिकायत दर्ज देने के लिए आया कि एक दूसरे पक्ष से मारपीट के दौरान उनके परिवार के एक सदस्य के आंख के पास कुल्हाड़ी से हमला हुआ है, जबकि कुछ अन्य लोग भी घायल हो गए हैं। इसको लेकर उन्होंने परिवादी दे दिए इसके बाद asi प्रवीण कुमार ने परिवादी देने वाले पक्ष पर को पहले तो डराया और धमकाया कि आप यह केस वापस ले लीजिए, नहीं तो दूसरे पक्ष के लोग भी आप पर केस कर देंगे और आप जेल जा सकते हैं।

परिवादी पक्ष पर बनाया दबाव

 परिवादी पक्ष का आरोप है कि प्रवीण कुमार ने दूसरे पक्ष से पैसे ले लिए थे और इसी को लेकर वह हम सब पर दबाव बना रहे थे। इसके बाद जब दूसरे पक्ष के लोगों ने भी केस दर्ज करवा दिया, तब एएसआई ने परिवादी दर्ज करने वाले पक्ष को बुलाकर कहा कि आप हमें ₹15000 दीजिए तो हम आपका नाम केस से निकाल देंगे और अंतत यह ₹12000 में फाइनल किया गया।

 इस ₹12000 को देने के लिए जब परिवादी पक्ष के लोग थाने पहुंचे, उससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को उसकी खबर लग गई और asi प्रवीण कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि प्रवीण कुमार 3 महीने पहले ही रूपवास थाने में उसकी पोस्टिंग हुई थी।