Bitter Taste In Mouth: अक्सर नींद से जागने के बाद लोगों को मुंह में कड़वा या खट्टा स्वाद महसूस होता है। ऐसे में लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वहीं, हाल ही में हुई रिसर्च के मुताबिक, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें पेट में बनने वाला एसिड भी शामिल है, जो रात में भोजन नली के रास्ते गले और मुंह तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, मुंह में लार की कमी और दांतों से जुड़ी परेशानियां भी इसकी वजह हो सकती हैं।
इस लेख में आज हम आपको बताएंगे कि सुबह मुंह का स्वाद कड़वा या खट्टा होने के पीछे क्या वजह होती है। साथ ही इससे बचने के कुछ घरेलू उपाय भी जानेंगे।
सुबह मुंह में खट्टा स्वाद आने की वजह
1. एसिड रिफ्लक्स की समस्या
इसमें पेट का एसिड और भोजन के कुछ अंश वापस भोजन नली की ओर आने लगते हैं। अगर यह परेशानी बार-बार होती है, तो इसे गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) कहा जाता है। इसके साथ ही सीने में जलन, गले में खट्टा पानी आना और खट्टी डकार जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं।
रात को खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाने के कारण भी यह समस्या हो सकती है। वहीं, भारी भोजन और मसालेदार खाना खाने से भी परेशानी बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए रात का खाना हमेशा हल्का खाएं और सोने से कम से कम तीन घंटे पहले डिनर कर लें।
2. मुंह में लार की कमी
सोते समय लार बनना स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है। लार मुंह को नम रखने और भोजन के बचे हुए कणों को साफ करने में मदद करती है। इसकी कमी की वजह से सुबह मुंह सूखा रहने और स्वाद बदलने की समस्या हो सकती है।
3. दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं
अगर सुबह मुंह में खट्टे स्वाद के साथ बदबू भी आती है या मसूड़ों से खून निकलता है, तो दांतों से जुड़ी समस्या भी इसकी वजह हो सकती है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया और दांतों पर जमी परत ओरल हेल्थ को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में दांतों की सफाई का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
इन बातों का रखें खास ख्याल
सुबह उठकर साफ पानी से अच्छी तरह कुल्ला करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
सोने से कम से कम तीन घंटे पहले भोजन कर लें।
एसिड रिफ्लक्स की समस्या होने पर बाईं करवट सोने और बिस्तर के सिरहाने वाले हिस्से को थोड़ा ऊंचा रखने से मदद मिल सकती है।
चाय, कॉफी और मसालेदार खाने से परहेज करें, खासकर अगर इनसे एसिडिटी बढ़ती है।
दिन में दो बार फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से दांत साफ करें।
जीभ की सफाई का भी खास ध्यान रखें।










