Girls Cycle Scheme:  सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं के लिए साइकिल योजना नए स्वरूप में आ सकती है। शिक्षा विभाग ने बालिकाओं को साइकिल खरीदकर देने के बजाय ई-वाउचर देने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा है। वहीं मंजूरी मिलते ही बालिकाओं को साइकिल खरीदने के लिए ई-वाउचर जारी किए जाएंगे। इससे सत्र 2026-27 में सरकारी स्कूलों की 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली करीब 3.50 लाख बालिकाओं को समय पर साइकिल मिल सकेगी।

योजना का उद्देश्य बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तक विभाग अपने स्तर पर साइकिल खरीदकर बालिकाओं को वितरित करता रहा है, लेकिन टेंडर, खरीद, भंडारण और वितरण की प्रक्रिया लंबी होने से बालिकाओं को लंबा इंतजार करना पड़ता है। स्थिति यह थी कि 9वीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को कई बार 10वीं कक्षा में पहुंचने के बाद साइकिल मिलती थी। इससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा था, क्योंकि साइकिल का मकसद बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना है।

ई-वाउचर करीब 4 हजार रुपए का हो सकता है,

पिछले सत्र 2025-26 में नया सत्र 1 जुलाई से शुरू हो गया था, लेकिन साइकिल खरीद की प्रक्रिया में विभाग को छह महीने से अधिक समय लग गया। नतीजा यह रहा कि बालिकाओं को साइकिल दिसंबर-जनवरी में मिलना शुरू हुई। वहीं नई व्यवस्था में यह देरी खत्म होने की संभावना है। ऐसे में माना जा रहा है कि ई-वाउचर करीब 4 हजार रुपए का हो सकता है, जिससे बालिकाएं अपने स्तर पर साइकिल खरीद सकेंगी।
फोकस रंग से हटकर सुविधा और समय पर लाभ पर आएगा


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस नई व्यवस्था से साइकिल के रंग को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद भी खत्म हो सकता है। कांग्रेस सरकार में काली और भाजपा सरकार में भगवा रंग की साइकिल वितरित किए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चा होती रही है। अब यदि बालिकाएं स्वयं साइकिल खरीदेंगी तो उन्हें रंग और मॉडल चुनने की छूट मिल सकती है। इससे योजना का फोकस रंग से हटकर सुविधा और समय पर लाभ पर आएगा।