Rajasthan School Education: प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन करने की तैयारी की जा रही है। राजस्थान में पांचवी में फेल होने के बाद बच्चे प्रमोट नहीं किए जा सकेंगे। फेल हुए बच्चों को 2 महीने में फिर से एग्जाम देने होंगे। अगर ऐसे में उस एग्जाम को भी बच्चे पास नहीं कर पाते हैं, तो उनको पांचवी कक्षा में पढ़ाई फिर से करनी होगी। आरटीई में चयनित फेल बच्चों को प्राइवेट स्कूल बाहर नहीं निकाल सकेंगे। बच्चा अगर उसी स्कूल में पढ़ता है, तो फीस सरकार ही वहन करेगी।
जल्द नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया जाएगा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शिक्षा विभाग ने संबंधित संशोधन के पत्रावली विधि विभाग में वेट के लिए भेज दी है। वहीं इसकी मंजूरी आते ही नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही आपको बताते चलें कि यह व्यवस्था साल 2026 से 2027 से लागू होगी।
केंद्र सरकार ने खत्म की नो डिटेंशन पॉलिसी
ऐसे में शिक्षा विभाग का कहना है कि राजस्थान शिक्षा बोर्ड से संबंध सरकार एवं प्राइवेट स्कूलों में पिछले साल करीब 15 लाख बच्चों ने पांचवीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। इसमें सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था, लेकिन अब आने वाले साल में इस तरह नहीं होगा क्योंकि केंद्र सरकार ने नो डिटेंशन पॉलिसी को खत्म कर दिया है। ऐसे में शिक्षा विभाग का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य बच्चों को फेल होने के डर से मुक्त करना और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखना है। आपको बता दें कि यह नियम सरकारी के साथ-साथ निजी स्कूलों पर भी लागू होगा।