Water Crisis Solution: भीषण गर्मी और बढ़ती पानी की मांग को देखते हुए पश्चिम रेलवे की पहल पर रेलवे बोर्ड ने कोटा रेलवे वर्कशॉप को 37 विशेष वाटर टैंकर वैगन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन वैगनों का उपयोग मध्यप्रदेश के रतलाम रेल मंडल के स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति के लिए किया जाएगा।। इन वैगनों का उपयोग मध्यप्रदेश के रतलाम रेल मंडल के स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति के लिए किया जाएगा।
10 दिन में बनेंगे 37 वाटर टैंकर
मुख्य कारखाना प्रबंधक सुधीर सरवरिया के अनुसार वर्कशॉप प्रशासन इन टैंकरों को आगामी 10 दिनों में तैयार कर लेगा। यह दूसरा मौका है जब कोटा वर्कशॉप, रतलाम मंडल के लिए वाटर टैंकर तैयार कर रहा है। इससे पहले यहां से कच्छ, जोधपुर, भीलवाड़ा, महाराष्ट्र और अजमेर के लिए भी वैगन तैयार कर भेजे जा चुके हैं।
पानी की किल्लत से राहत मिलने की उम्मीद
रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार, तरल गुड़ के परिवहन में इस्तेमाल हो चुके वैगनों को अब पानी की सप्लाई के लायक बनाया जाएगा। इसके लिए बुधवार को कोटा रेल मंडल से ये वैगन वर्कशॉप पहुंच जाएंगे। भारतीय रेलवे में कोटा माल डिब्बा मरम्मत कारखाना एकमात्र ऐसा केंद्र है, जहां टैंकर बीटीपीएन को कन्वर्ट करने का आधुनिक सिस्टम उपलब्ध है। यहां काले तेल या खाद्य तेल ले जाने वाले टैंकरों को अत्याधुनिक स्टीम सिस्टम, हाईप्रेशर पंप और केमिकल वॉश प्रक्रिया के माध्यम से साफ कर पेयजल परिवहन के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाता है। ऐसे में रेलवे की इस पहल से गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत झेल रहे इलाकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।








