Rajasthan Weather Update: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से फाल्गुन महीने में उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारतीय राज्यों में गरज और बिजली कड़कने के साथ बेमौसम बारिश हुई। हिमालय रेंज में कई जगहों पर हल्की और छिटपुट बर्फबारी जारी रही। राजधानी दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मंगलवार रात से बुधवार तक रुक-रुक कर, कभी हल्की तो कभी मध्यम बारिश हुई। मूसलाधार बारिश से हवा में फिर से ठंडक का एहसास हुआ है।
मौसम में बदलाव
मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार रात से उत्तर-पश्चिमी भारत में मौसम बदल गया। बुधवार सुबह से ही दिल्ली और NCR में दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। राजधानी में रहने वाले लोग गरज और बारिश की आवाज़ से जागे। रुक-रुक कर हुई बारिश ने राजधानी को भिगो दिया। बारिश से तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है।
राजस्थान में तापमान में गिरावट
पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और ओले गिरे, जिनमें जयपुर, अजमेर, सीकर, नागौर, अलवर, भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, कोटा, पाली, बूंदी, बारां और ब्यावर शामिल हैं। राजस्थान के कई इलाकों में तापमान 4 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
रबी की फसलों को नुकसान
कई इलाकों में तेज़ गरज और बिजली कड़कने के साथ ओले भी गिरे। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के किसान पकी और कटी हुई रबी की फसलों को हुए नुकसान को लेकर परेशान हैं। मध्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच में हल्की से मध्यम बारिश से गेहूं, चना, अलसी, सरसों और अफीम की फसलों को नुकसान हुआ है, जिससे चिंता बढ़ गई है। ग्वालियर और नागदा में हल्की बारिश से मौसम में ठंडक आ गई है। किसानों ने फसल के नुकसान का आकलन करने की मांग की है।
तापमान में गिरावट आएगी
IMD के अनुसार, गुरुवार से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम सामान्य रहेगा। हालांकि, उत्तराखंड में हल्की बर्फबारी की उम्मीद है। अगले दो दिनों में, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और अंडमान और निकोबार आइलैंड्स समेत साउथ इंडिया के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश और बिजली कड़कने की उम्मीद है। पूर्वी राजस्थान और दिल्ली समेत कुछ इलाकों में हल्के बादल छाए रहने की उम्मीद है। अगले दो दिनों में मिनिमम और मैक्सिमम टेम्परेचर में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। हल्की कोल्ड वेव बनी रहेगी। अगले पांच दिनों तक कोई बदलाव नहीं होगा। उसके बाद, टेम्परेचर धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
एक और लो प्रेशर एरिया
मौसम के मुताबिक, साउथ-वेस्ट बंगाल की खाड़ी और उससे सटे इक्वेटोरियल हिंद महासागर के ऊपर एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके श्रीलंका की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों में और तेज़ होने की संभावना है। इससे साउथ इंडिया के मौसम पर असर पड़ सकता है।









