Water Project Software: अब प्रदेश में पेयजल की योजनाओं व प्रोजेक्ट का का हिसाब डिजिटल किया जाएगा। वहीं, जलदाय विभाग के इंजीनियरों ने PHED IT PMU सॉफ्टवेयर विकसित किया है। इस सॉफ्टवेयर से पेयजल प्रोजेक्ट की डिजाइन, अनुमानित लागत और पूरा होने में लगने वाले संभावित समय की प्लानिंग एक ही डिजिटल सिस्टम पर की जा सकेगी। बताया जा रहा है कि सॉफ्टवेयर में जल परियोजना से जुड़ा आवश्यक डेटा दर्ज किया जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक, यह सिस्टम परियोजना की तकनीकी प्लानिंग में सहायता करेगा। वहीं इससे किसी प्रोजेक्ट के लिए जरूरी डिजाइन, अनुमानित लागत और संभावित समय का आकलन करने में मदद मिलेगी।
PHED ने तैयार किया खास सॉफ्टवेयर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि होने वाली पेयजल परियोजनाओं की प्लानिंग में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। ऐसे में नई पेयजल व्यवस्था विकसित करने या व्यवस्था मजबूत करने से जुड़े प्रोजेक्ट तैयार करने में सिस्टम तकनीकी मदद देगा। चार अफसरों ने किया तैयारः चार अफसरों ने मिलकर सॉफ्टवेयर तैयार किया है।
2 करोड़ की जगह विभाग ने खुद बनाया सॉफ्टवेयर
इस सॉफ्टवेयर को प्राइवेट कंपनी से बनवाने पर विभाग को करीब 2 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ते। लेकिन विभाग अफसरों ने इसे बाहर से बनवाने के बजाय विभाग के स्तर पर ही तैयार किया और करीब दो महीने में सॉफ्टवेयर विकसित कर दिया। विभाग के अधीक्षण अभियंता विनय जैन, एईएन वरुण मटोलिया, एईएन पीयूष जैन और एसीपी पूनम रिजवानी ने मिलकर यह सॉफ्टवेयर तैयार किया है।