Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर जिले के रतनदा इलाके में भक्तों के स्वागत के लिए एक शानदार राम मंदिर तैयार है। यह मंदिर सिर्फ एक पत्थर की इमारत नहीं है, बल्कि एक गुरु और शिष्य की अटूट आस्था और पक्के इरादे का प्रतीक है।

करीब 15 साल पहले पूज्य नागा सीताराम दास महाराज ने यहां एक भव्य राम मंदिर बनाने का सपना देखा था। उनका लक्ष्य इस जगह को सनातन संस्कृति और परंपरा का एक बड़ा सेंटर बनाना था।

गुरु का सपना, शिष्य की भक्ति

अपने जीवन के आखिरी पलों में उन्होंने अपने शिष्य सियाराम दास महाराज को इस काम को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। शिष्य ने गुरु के अधूरे सपने को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया। सियाराम दास महाराज ने मंदिर बनाने को एक जन अभियान में बदल दिया।

हर गांव और मोहल्ले से लोगों ने योगदान दिया। किसी ने श्रमदान किया, किसी ने आर्थिक रूप से, तो कई लोगों ने निर्माण सामग्री दी। सामूहिक प्रयासों से अब यह शानदार मंदिर आकार ले चुका है।

अयोध्या स्टाइल में होगी प्राण-प्रतिष्ठा

22 फरवरी को अयोध्या स्टाइल में मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह होगा। मंदिर में भगवान राम की 34 इंच ऊंची मूर्ति लगाई जाएगी। माता सीता और लक्ष्मण की 33 इंच ऊंची मूर्तियां भी लगाई जाएंगी।

इसके अलावा, राम दरबार को 10 दिव्य मूर्तियों से सजाया जाएगा, जिसमें भगवान हनुमान और भगवान गणेश की मूर्तियां भी शामिल हैं। मंदिर के ऊपरी फ्लोर पर बना भव्य राम दरबार भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।

सिंदूर वाले हनुमान मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा

राम मंदिर के पास मौजूद प्राचीन सिंदूर वाले हनुमान मंदिर की भी उसी दिन प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। पूरे इलाके में भक्ति और उत्साह का माहौल है, और बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है।

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