Rajasthan PWD: राजस्थान के लोक निर्माण विभाग ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए और साथ ही उच्च निर्माण मानकों को बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। दरअसल सड़क, बाईपास, रेलवे ओवर ब्रिज, रेलवे अंडर ब्रिज और बाकी विकास कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों पर अब जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया है। इतना ही नहीं बल्कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने वाले ठेकेदारों और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ड्रोन सर्वेक्षण और मरम्मत का लक्ष्य 20 अक्टूबर निर्धारित
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया कि मानसून के मौसम में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत 20 अक्टूबर तक एक विस्तृत ड्रोन सर्वेक्षण के बाद की जाएगी। यह बैठक मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई। सीएम भजनलाल शर्मा ने इस बात पर जोर दिया की परियोजनाओं में देरी से न सिर्फ जनता को असुविधा होती है बल्कि लागत में भी बढ़ोतरी होती है।
पीडब्ल्यूडी परियोजनाओं के लिए नए निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस बात के निर्देश दिए हैं कि बुनियादी ढांचा विकास से संबंधित परियोजनाएं समय पर पूरी की जाए। इसी के साथ सुरक्षा बढ़ाने के लिए राज्य राजमार्गों पर जो टोल नाके स्थित है उन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसी के साथ उन्होंने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए लंबे समय से एक ही जगह पर कार्यरत अधिकारियों और इंजीनियरों को दोबारा से कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं।
निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
बिजनेस समिट में एक अलग संबोधन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने औद्योगिक और निवेश क्षेत्र में राजस्थान की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनने की राह पर है। उद्यमियों और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य में निवेश प्रोत्साहन नीति, खनिज नीति, रीको प्रत्यक्ष आवंटन नीति, डेटा सेंटर नीति, वस्त्र एवं परिधान नीति और पर्यटन इकाई नीति के साथ कई बड़ी नीतियां शुरू की गई हैं।
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