Jalore Case: राजस्थान के जालौर जिले में 21 साल के सुरेश कुमार मेघवाल की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के लगभग डेढ़ महीने बाद मृतक के पिता ने हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। पिता ने सुरेश की गर्लफ्रेंड पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उसी के उकसाने के बाद उनके बेटे ने खुद की जान ले ली। आपको बता दें कि 29 नवंबर को सुरेश ने फांसी लगाकर अपनी जान ले ली थी। वहीं डेढ़ महीने बाद अलमारी से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें सुरेश ने लिखा है कोई बात नहीं मेरी जान...अब मैं अलविदा कह रहा हूं..।

 'तुम ही मेरा पहला और आखिरी प्यार हो'

आपको बता दें कि यह मामला आहोर क्षेत्र के गोदान गांव का है। कमरे में सुरेश का शव पंखे से लटका हुआ मिला था। जिसकी सूचना घरवालों ने पुलिस को थी।पुलिस ने शिव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया था। जिसे आत्महत्या का मामला मानकर बंद कर दिया गया था, लेकिन डेढ़ महीने बाद सुरेश के पिता को जब उसकी अलमारी में एक लेटर मिला तो मामले ने नया मोड़ ले लिया। वहीं लेटर पढ़ कर सभी लोग हैरान रह गए। सुसाइड नोट में सुरेश ने अपनी प्रेमिका का नाम लिखते हुए लिखा कि तुम ही मेरा पहला और आखिरी प्यार हो। तुम्हें मैं अपनी पत्नी मान चुका था। वहीं तुम्हारी साथ जिंदगी बिताने के कई सपने देखे थे। वहीं साथ में उसने लिखा कि तुमने मुझे धोखा दे दिया। तुमसे बगैर बात किए मैं नहीं रह पा रहा हूं। सुरेश के पिता ने बताया कि जिस लड़की वह प्यार करता था। वह उनके रिश्तेदारी में आती है। इसलिए दोनों की शादी होना नहीं हो सकती थी। दोनों परिवारवाले इस रिश्ते के खिलाफ थे।

सुरेस ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी

सुरेश को कई बार समझाया था, लेकिन लड़की बार-बार सुरेश को मैसेज करती थी। एक वहीं सुरेश की मां लड़की को समझाने के लिए उसके घर भी गई थी। सुरेश के पिता ने बताया कि जिस दिन सुरेश ने आत्महत्या की है। उस दिन उस लड़की ने जहर की शीशे की फोटो सुरेश को भेजी थी और साथ में मैसेज लिखा था कि मैं तुम्हें बहुत परेशान करती हूं। मैं जा रही हूं। अब तुम्हें जो आपको ठीक लगे कर लेना जब मैं ही नहीं रहूंगी। इस मैसेज को पढ़कर सुरेश को लगा कि उसकी प्रेमिका जहर खाकर आत्महत्या करने जा रही है। इसके बाद सुरेस ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच करवाई जाएगी और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच की जाएगी।