Kota News: कोटा से चल रही स्लीपर और लग्जरी बसों में खामियां मिली है। यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने और तय मापदंड नहीं मिलने पर 3 बसों को सीज किया गया है। वहीं 4 बस के मालिकों का कुल 2.50 लाख रुपए का चालान काटा गया। वहीं जुलाई से अब तक 17 बस सीज और 44 बस मालिकों के खिलाफ कुल 7.01 लाख रुपए से ज्यादा का चालान किया गया है। आपको बता दें कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के रोड सेफ्टी अभियान-2026 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार रात को 10 बसों की जांच की गई थी।
स्लीपर बसों में मिली गंभीर खामियां
निरीक्षण दल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गीता चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र पुरोहित, मोटर वाहन निरीक्षक गिरधारी लाल मीणा और यातायात पुलिस के अधिकारी शामिल रहे। टीम ने बसों में एआईएस-119 के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की। इस दौरान अनाधिकृत लगेज कम्पार्टमेंट, आपातकालीन निकास, निर्धारित क्षमता से अधिक सीट और स्लीपर, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी हैमर और अन्य सुरक्षा उपकरणों का परीक्षण किया गया।
7 लाख रुपये से ज्यादा के चालान
अभियान के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के फालोदी बस हादसे से जुड़े निर्देशों की पालना भी जांची गई। अधिकारियों ने बस संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी वाहनों का संचालन निर्धारित तकनीकी एवं कानूनी मानकों के अनुसार ही करना होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार- 9 जुलाई 2026 से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत अब तक 54 स्लीपर और लग्जरी बसों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर 17 बसों को सीज किया गया है, जबकि 44 बस संचालकों के खिलाफ कुल 7.01 लाख रुपए से अधिक के चालान किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।








