Jodhpur Transport Strike: जोधपुर में ट्रक ऑपरेटर्स बुधवार को हड़ताल पर उतर आए हैं। इसके साथ ही ट्रकों में जाने वाले पार्सल और सामान की बुकिंग भी बंद कर दी गई है। केवल उन ट्रकों से सामान उतारा जा रहा है, जिनका ई-वे बिल 13 जुलाई का बना हुआ है। इधर, हड़ताल से पहले मंगलवार को ट्रक ऑपरेटर्स की मीटिंग हुई। इसमें हड़ताल के लिए जोधपुर ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति भी बनाई गई है।
महंगे ट्रैकिंग डिवाइस के विरोध में हड़ताल
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हड़ताल के चलते ट्रांसपोर्ट नगर में एक भी सामान की लोडिंग नहीं हुई। ऑपरेटर्स ने अपनी दुकानों पर ताले लगाकर धरने पर बैठ गए। इसका समर्थन ट्रक ड्राइवरों ने भी किया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वे ट्रक में चाबी तक नहीं लगाएंगे और न ही सामान लोड करेंगे। प्रदेश के कॉमर्शियल व्हीकल में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाने को लेकर ट्रांसपोर्टर्स और परिवहन विभाग के बीच सहमति नहीं बन पा रही है।
ट्रक ऑपरेटर्स का कहना है कि हम ट्रैकिंग डिवाइस लगाने को तैयार हैं, लेकिन सरकार से जिन कंपनियों का एमओयू हुआ है, वह 10 गुना महंगे हैं। जबकि ऐसे ही डिवाइस मार्केट में 4 से 5 हजार रुपए में मिल रहे हैं। इधर, ट्रैकिंग डिवाइस नहीं लगे होने की वजह से कई ट्रक के परमिट रिन्यू और फिटनेस तक भी अटक चुके हैं। इसके साथ ही आपको बता दें कि जोधपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सचिव प्रवीण कुंभट ने बताया कि जोधपुर आरटीओ में करीब 50 हजार से ज्यादा ट्रक रजिस्टर्ड हैं। इससे करीब 3 हजार से ज्यादा ऑपरेटर्स जुड़े हुए है, सभी हड़ताल पर आ गए है।
जोधपुर ट्रांसपोर्ट से रोजाना करोड़ों की बिलिंग होती है। एक अंदाज के मुताबिक करीब 50 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस प्रभावित होगा। वहीं एसोसिएशन के जॉइंट सक्रेटरी मुकेश चौधरी ने बताया कि जो डिवाइस मार्केट में पांच हजार में मिल रहे है, उन्हीं के सरकार और विभाग 35 हजार ले रही है। ऐसे में मांग है कि हमें इसमें रियायत दी जाए।