Bhilwara News: भीलवाड़ा के रायला कस्बे में रेलवे की ओर से आबादी क्षेत्र के सार्वजनिक रास्तों पर दीवार बनाकर रास्ते बंद किए जाने के विरोध में गुरुवार को ग्रामीण जिला कलेक्टर पहुंचे। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बंद किए गए रास्तों को तुरंत खोलने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी भी की।आपको बता दें कि ग्रामीण बड़ी संख्या में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और हाथों में तख्तियां लेकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। बाद में सभी ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की।प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। बाद में सभी ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों को दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि अजमेर-चित्तौड़गढ़ दोहरीकरण परियोजना के तहत रेलवे ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सार्वजनिक रास्तों और भूखंडों को बाड़ और दीवार बनाकर बंद कर दिया है। इससे लोगों के रोजाना आने-जाने में परेशानी हो रही है।
ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे स्टेशन खेड़ा रायला की करीब 5 हजार आबादी इससे प्रभावित हुई है। लोगों के सामने नजरबंद जैसे हालात बन गए हैं। स्कूली बच्चे, मजदूर, प्रसूता और गंभीर मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए लोगों की छतों और कंटीली झाड़ियों के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं पानी के टैंकर नहीं पहुंच पाने से इलाके में पेयजल संकट भी गहरा गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ की ओर से उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों और रेलवे के उच्च अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर जल्द कार्रवाई करने और बंद रास्तों को खुलवाने की मांग की।