Rajasthan Governmet: राज्य में हाइवे और राजमार्गों पर होने वाले सड़क हादसों को लेकर सरकार काफी गंभीर नजर आ रही है। ऐसे में परिवहन और सुरक्षा सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा दुर्घटनाओं को कम करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से हाईवेज को सुरक्षित बनाने की कवायत की जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विभाग की ओर से पिछले दिनों सचिव शुची त्यागी ने बैठक बुलाकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। जिसमें सबसे पहले हाईवे से किनारो पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाए जाएंगे। वहीं जिला प्रशासन और पुलिस मिलकर अवैध कट और अतिक्रमण पर कार्रवाई करेगी।

नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई

दिल्ली वडोदरा और अमृतसर जामनगर एक्सप्रेसवे से भी अतिक्रमण हटाए जाएंगे। हाईवे पर स्थित उपकरण और अन्य प्रतिष्ठानों में प्रवेश और विकास के लिए संबंधित संस्थान की ओर से सामान सड़क निर्माण विभाग से एक्सेस कंट्रोल को अनुमति लेना जरूरी होगा। वहीं हाईवेज के ठेकेदारों को रोड मार्किंग और मरम्मत के रखरखाव से जुड़े काम समय से पूरे करने होंगे। वहीं मौजूदा सड़कों की रोड सेफ्टी और ऑडिट भी करवानी होगी। इसके साथ ही आपको बता दें कि हाईवे पर गलत पार्किग और परमिट शर्तों के नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

112 बनेगा इमरजेंसी हेल्पलाइन

गाड़ी ड्राइवर का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया जाएगा। हाईवे एक्सप्रेस वे पर 4 लेन 6 लेन हाईवे पर लेन ड्राइविंग सिस्टम बना हुआ है। ऐसे में लेन ड्राइविंग में चलने और उल्लंघन करने वालों पर प्रावधान के बोर्ड लगाए जाएंगे। राज्य सरकार की एंबुलेंस 108 और एनएचएआई एंबुलेंस 1033 का इंटीग्रेशन होगा। इसके साथ ही सभी इमरजेंसी सेवाओं का एक ही हेल्पलाइन नंबर 112 होगा। इसके साथ ही एम्बुलेंस सेवा को और प्रभावी बनाने के लिए एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 112 को हाईवे और एक्सप्रेस-वे से जोड़ा गया है। किसी भी आपात स्थिति में इस नंबर पर कॉल कर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकेगी।

एक्सप्रेस-वे पर यातायात व्यवस्था होगी बेहतर

ऐसे में प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।