Bikaner Mayor Election: बीकानेर नगर निगम में मेयर पद के लिए कांग्रेस के पार्षद अनिल कल्ला का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि अल्पसंख्यक समुदाय के साथ ही अन्य पार्षदों ने भी अपनी दावेदारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक सिफारिशें पहुंचाई हैं। आपको बता दें कि अनिल कल्ला के अलावा जावेद पड़िहार, दिलीप बांठिया, मकसूद अहमद और नवरतन डागा के नाम भी सामने आए हैं। मंगलवार रात तक अनिल कल्ला का नाम सबसे आगे रहा। मेयर पद के लिए नगर निगम परिसर में आज सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल होंगे। भाजपा भी अपना प्रत्याशी उतारेगी।

जैसलमेर के एक रिसोर्ट में बाड़ेबंदी में शामिल सभी कांग्रेस पार्षदों के साथ पर्यवेक्षक ने मंगलवार को एक-एक करके बातचीत की। इस दौरान 28 पार्षदों ने अनिल कल्ला के नाम पर मुहर लगाई। वहीं मेयर पद के लिए अश्वनी मिढा का नाम भी सामने आया है। उनके भाई अरविन्द मिढा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक अपनी बात पहुंचाई है। अश्वनी मिढा ने पार्टी स्तर पर मेयर पद के लिए सभी प्रबंध करने का आश्वासन भी दिया है। हालांकि उनके नाम पर पार्षदों में सहमति नहीं बन पा रही है।

कांग्रेस का नाम तय करने में प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला और शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल की भूमिका सामने आई है। पर्यवेक्षक पर इन सभी नेताओं का पूरा दबाव देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी से भी मेयर पद के लिए दावेदारी की जाएगी। भाजपा नेता श्याम सिंह हाडलां, सुरेंद्र सिंह शेखावत और भगवान सिंह मेड़तिया के नाम दौड़ में आगे हैं। तीनों नेताओं ने अपने स्तर पर पार्षदों का जुगाड़ करने का आश्वासन पार्टी को दिया है। ऐसे में भाजपा के लिए मेयर पद हासिल करना मुश्किल भरा है। पार्टी के 27 पार्षद हैं। सभी निर्दलीय पार्षद भी साथ दें तो 4 अतिरिक्त पार्षदों की जरूरत पड़ेगी। क्रॉस वोटिंग के जरिए कांग्रेस में इतनी तोड़फोड़ करना भाजपा के लिए चुनौती माना जा रहा है।