Assistant Professor: प्रदेश के कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए भविष्य में राज्य प्रशासनिक सेवा (आरएएस) की तरह परीक्षा के विभिन्न चरणों से गुजरना पड़ेगा। परीक्षार्थी में संबधित विषय की गहनता और विस्तृत लिखने की दक्षता परखने के लिए मुख्य परीक्षा शामिल करने के पैटर्न पर मंथन चल रहा है।
दोनों चरणों को क्लियर करने के बाद इंटरव्यू होगा
यह पेपर पूरी तरह वर्णनात्मक होगा। दोनों चरणों को क्लियर करने के बाद इंटरव्यू होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए हुई पिछली परीक्षाओं में सामने आया है कि कई परीक्षार्थी बहुवैकल्पिक पेपर क्लियर कर लेते हैं, लेकिन उनकी वर्णनात्मक शैली और विषय पर ठीक से पकड़ का आंकलन नहीं लग पाता है। ऐसे में भविष्य में मुख्य परीक्षा का पैटर्न जोड़ते हुए पूरी परीक्षा के सभी चरणों में संतुलन बैठाया जाएगा।
कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की क्वालिटी कई गुना बढ़ जाएगी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पेपर को भी कुछ हद तक सरल किया जाएगा। फिलहाल राज्य लोक सेवा आयोग की सहमति के बाद उच्च शिक्षा और कार्मिक विभाग के एक्सपर्ट इस पर मंथन कर रहे हैं। सरकार से नए नियम-कायदों को मंजूरी मिलने पर इन पदों के लिए होने वाली परीक्षाओं के अंकभार सहित पूरे पैटर्न में बदलाव हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्णनात्मक पेपर के रूप में मुख्य परीक्षा जुड़ जाने से भविष्य में कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की क्वालिटी कई गुना बढ़ जाएगी।