Alwar Night Tourism: पर्यटन विभाग से 2.79 करोड़ रुपए स्वीकृत होने के बाद यूआईटी ने शहर में नाइट टूरिज्म योजना पर काम शुरू कर दिया है। पंचायत व निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है, ताकि काम प्रभावित न हो। पहले चरण में यूआईटी अपने स्तर पर एक करोड़ रुपए मिलाकर कुल 3.79 करोड़ रुपए के काम कराएगी। योजना के तहत शहर के मुख्य बाजार रात 11 बजे तक खुले रखने पर जोर रहेगा। आपको बता दें कि घंटाघर, होपसर्कस, त्रिपोलिया से प्रसिद्ध सागर जलाशय तक के पूरे मार्ग को हेरिटेज लुक दिया जाएगा। ऐतिहासिक इमारतों और प्रमुख रास्तों पर आकर्षक फसाड लाइटिंग होगी। वहीं, कंट्रोल रूम जाने वाले मार्ग का जीर्णोद्धार कर पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। भर्तृहरि नाटक देखने जाने वाली महिलाओं और सैलानियों की सुरक्षा को देखते हुए पूरे रूट पर लाइट व्यवस्था मजबूत की जाएगी।

बाजार और पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नाइट टूरिज्म क्षेत्र में दुकानदारों के साइन बोर्ड एक ही आकार और रंग के रखने की योजना है। शुरुआत में इनके लिए गहरा भूरा रंग तय किया गया है। होपसर्कस व घंटाघर क्षेत्र में दुकानों को रात 11 बजे तक खुला रखने पर जोर रहेगा, ताकि पर्यटक व शहरवासी रात में आसानी से घूम सकें। सागर जलाशय तक जाने वाले मार्ग को भी योजना के तहत आकर्षक बनाया जाएगा। 

पर्यटन विकास के लिए मोती डूंगरी पर 35 लाख रुपए की लागत से लाइटिंग का काम पूरा हो चुका है। अब रात में मोती डूंगरी रोशनी से जगमगाने लगी है। इससे इसे शहर के प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित करने की योजना है। आचार संहिता लागू होने से पहले नाइट टूरिज्म की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। पर्यटन विभाग से 2.79 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। यूआईटी अपने स्तर पर एक करोड़ रुपए खर्च करेगी।