Ajmer News: जेएलएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सर्जरी यूनिट ने ई-3 पित्त की नली की चोट का लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया है। आपको बता दें कि इस तरह का ऑपरेशन राजस्थान के किसी भी मेडिकल कॉलेज में पहली बार होने का दावा किया जा रहा है। ऑपरेशन प्रोफेसर एवं यूनिट हेड डॉ. अनिल के. शर्मा और उनकी टीम ने किया है। वहीं डॉ. शर्मा ने बताया कि टीम ने गॉलब्लेडर (पित्ताशय) के ऑपरेशन के बाद पित्त की नली से जुड़ी गंभीर और जटिल समस्याओं से जूझ रही महिलाओं की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की है। 

पित्त की नली की जटिल बीमारी का दूरबीन से ऑपरेशन

आपको बता दें कि इन मरीजों का पहले दूसरे अस्पतालों में गॉलब्लेडर का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद पित्त की नली में चोट, रिसाव, पीलिया और अन्य जानलेवा जटिलताएं हो गई थीं। डॉ. शर्मा ने बताया कि ई-2 और ई-3 इंजरी आमतौर पर पेट खोलकर की जाती हैं। इन्हें दूरबीन से करना बड़ी उपलब्धि है। बता दें कि किशनगढ़ के गांधी नगर निवासी 39 वर्षीय महिला का परिजन ने दूसरे अस्पताल में गॉलब्लेडर का दूरबीन से ऑपरेशन कराया था। सूजन अधिक होने से अंग आपस में चिपक गए और पित्त की मुख्य नली में चोट लग गई। स्थिति बिगड़ने पर सर्जरी के दौरान पेट खोलना पड़ा। बाद में मरीज को जेएलएन रेफर किया गया। यहां ऑपरेशन कर पित्त निकालने के साथ ड्रेन पाइप लगाए गए। पित्त निकालने के लिए जयपुर के एक अस्पताल में पेट के रास्ते विशेष नली भी लगाई गई थी। वहां से वापस जेएलएन रेफर किया गया। डॉ. शर्मा की टीम ने दूरबीन से जटिल ऑपरेशन कर पित्त की नली और आंत के बीच बने असामान्य जोड़ को हटाकर नया रास्ता बनाया गया। टीम में डॉ. नवीन जांगड़ा, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. कुलदीप और डॉ. भाविका शामिल रहे।

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जेएलएन में दूरबीन से हुई जटिल सर्जरी

सर्जरी में फंसी विलप दूरबीन से निकाली अजमेर की 23 वर्षीय महिला की पूर्व सर्जरी में फंसी क्लिप को दूरबीन से निकाला गया। वहीं, 40 वर्षीय रूपनगढ़ निवासी महिला के गॉलब्लेडर ऑपरेशन के दौरान टाइप-ई बाइल डक्ट की पित्त की नली पूरी तरह कट गई थी। पूर्व में गॉलब्लेडर ऑपरेशन के बाद दोनों को आंखों और शरीर में पीलापन, गहरे रंग का पेशाब, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द और लगातार परेशानी थी। दूरबीन से किए ऑपरेशन में सामने आया कि पहले हुए ऑपरेशन में लगाई गई सर्जिकल क्लिप पित्त की नली के पास फंसी थी। डॉ. शर्मा की टीम ने महत्वपूर्ण ऊतकों और पित्त की नली को सुरक्षित रखते हुए क्लिप निकाल दी और ड्रेनेज की व्यवस्था की। टीम में डॉ. प्रदीप वर्मा, डॉ. अमित गुसांईवाल, डॉ. नमन सोमानी, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. विपिन दीप सिंह, डॉ. नवीन, डॉ. कुलदीप और डॉ. मैना भी शामिल रहे।