Swami Vivekananda Jayanti:12 जनवरी यानी आज राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। वहीं आज के दिन ही स्वामी विवेकानंद की जयंती भी मनाई जाती है। 12 जनवरी 1863 में कोलकाता में विवेकानंद का जन्म हुआ था। स्वामी विवेकानंद का नाम हमेशा ही अमर रहेगा। वहीं बहुत कम लोग जानते हैं कि स्वामी विवेकानंद का राजस्थान से एक गहरा नाता है। आपको बता दें कि स्वामी विवेकानंद के नाम में बदलाव करने का श्रेय राजस्थान के खेतड़ी के राजा अजीत सिंह को जाता है।
स्वामी विवेकानंद खेतड़ी को अपना दूसरा घर मानते थे
आपको बताते चलें कि स्वामी विवेकानंद का पहले नाम नरेंद्र नाथ था। वह सच्ची सच्चीनानंद के नाम से भी जाने जाते थे, लेकिन राजस्थान के शेखावाटी अंचल के खेतड़ी के राजा अजीत सिंह द्वारा स्वामी विवेकानंद से एक खास अनुरोध किया गया था कि वह अपना नाम बदलें। वही स्वामी विवेकानंद ने इस बात को माना और अपने नाम को बदल लिया। स्वामी विवेकानंद खेतड़ी को अपना दूसरा घर मानते थे। वहीं स्वामी विवेकानंद और अजीत सिंह के बीच काफी गहरी दोस्ती थी। दोनों के बीच यह मित्रता केवल औपचारिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और वैचारिक स्तर पर भी अत्यंत मजबूत थी।
राजस्थान की कई जगहों से जुड़ाव रहा
स्वामी विवेकानंद का राजस्थान की कई जगहों से जुड़ाव रहा है। बताया जाता है कि स्वामी विवेकानंद माउंट आबू में 91 दिन रहे थे। स्वामी विवेकानंद का राजस्थान सबसे पसंदीदा जगह थी। खेतड़ी स्वामी विवेकानंद के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और भारत को दुनिया में पहचान दिलाने की उनकी यात्रा में इस स्थान का बड़ा योगदान रहा।