Hawa Mahal: गुलाबी शहर की फेमस इमारत हवा महल टूरिस्टों की सूची में सबसे पहले आती है। हर साल लाखों लोग इस इमारत को देखने आते हैं। राजस्थान अपने कई प्रकार के भोजन, किलों और कई टूरिस्ट जगहों के लिए फेमस है। इन टूरिस्ट जगहों में से एक है हवा महल, जो राजस्थान के जयपुर में स्थित है। यह इमारत अपनी प्राचीन कहानी के लिए फेमस है। यहां लोग ना केवल इस इमारत की खूबसूरती को देखने आते बल्कि इससे जुड़ी कथाओं के बारे में भी जानने के लिए आते हैं। हवा महल जयपुर की वो इमारत है जो अपनी खूबसूरती और ऐतिहासिक कथा के प्रसिध्द है। इस इमारत से जुड़ी ऐसी कई कहानियां जिससे आप अभी तक अनजान थे। आज इस आर्टिकल में हम आपको इससे जुड़ी वे सभी प्राचीन कथाओं के बारें में बताएंगे। हवा महल की हिस्टरी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हवा महल साल 1799 में बनाया गया था। पुरानी मान्यताओं के अनुसार इस इमारत को भगवान श्री कृष्णा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि इस रॉयल पैलेस को बनवाने वाले राजा सवाई प्रताप सिंह श्री कृष्णा के बहुत बड़े भक्त थे और उन्होंने इस इमारत को भगवान के ताज के रूप में बनाया था।
कैसे हुई थी हवा महल की संरचना?
इस महल को शाही दरबार की महिलाओं के लिए तैयार कराया गया था जो सड़को पर नाटक नहीं देख पाती थी। ऐसी महिलाओं को रोड पर होने वाले नाटकों को देखने की अनुमती नहीं होती थी। इसलिए वे महिलाएं हवा महल की खिड़की से झांकियां देखती थी। प्राचीन समय में महिलाएं अपना चहरा ठक कर इन झांकियों देखनी आती थी और इमारत की खिड़की की जाली से नाटकों का आनंद लेती थी।
कैसे पड़ा हवा महल का नाम
इस फेमस इमारत के नाम के पिछे एक बड़ी रोचक कहानी है। दरअसल इस इमारत की 5वीं मंजिल का नाम हवा मंदिर था जिसके नाम पर इस इमारत को हवा महल कह जाने लगा।