Pregnancy Health:प्रेगनेंसी हर महिला की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा होता है। इस दौरान महिला के साथ काफी शारीरिक बदलाव होते हैं। इस समय महिला को अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। वहीं पिछले कुछ सालों में प्रेगनेंसी में कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में महिलाओं को काफी अर्लट रहने की जरूरत होती है। वहीं गर्भवस्था के दौरान शरीर कुछ संकेत देता है जिनपर ध्यान देना जरूरी होता है। इस दौरान हार्ट की बीमारी होना केवल मां के लिए नहीं बल्कि पेट में पल रहे बच्चे के लिए भी हानिकारक हो सकता है। ऐसे मे आज हम आपको इस लेख में बताएंगे कि इस दौरान किन बातों का ख्याल रखना जरूरी होता है।
सीने में तेज दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
आपकी जानकारी के लिए बता दें की प्रेग्नेंसी में हार्ट बहुत ज्यादा दबाव डालती है, क्योंकि इस दौरान शरीर में खून की मात्रा लगभग 40% बढ़ जाती है क्योंकि दिल को भ्रूण की जरूरत को पूरा करने के लिए ज्यादा ब्लड पंप करना पड़ता है। वहीं प्रेगनेंसी में खून का थक्का जमने की एक नेचुरल स्थित है जो बच्चे के जन्म के समय खून बहाने को कम करने में मदद करती है। वहीं प्रेगनेंसी में अगर आपके सीने में तेज दर्द हो तो ऐसे में महिलाओं को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
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इन लक्षणों को न करें अनदेखा
सांस फूलना, बहुत ज्यादा थकान महसूस होना, उल्टी आना, चक्कर आना या पेट में तेज दर्द होना हार्ट बीमारी होने के साइलेंट संकेत हो सकते हैं। कई बार डॉक्टर भी नहीं पहचान पाते हैं। ऐसे में इलाज में देरी होने से मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। अगर प्रेगनेंसी के दौरान हार्ट डिजीज का खतरा है तो समय पर कार्डियोवैस्कुलर टेस्ट करवाना चाहिए। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल को समय-समय पर चेक करवाते रहना चाहिए। इस दौरान हेल्दी डाइट का खास ख्याल रखें। वहीं अगर किसी भी प्रेग्नेंट महिलाओं को अचानक सीने में दर्द या बेहोशी जैसी स्थिति हो तो तुरंत कार्डियक टेस्ट करवाना चाहिए।