Hotel Booking Tips: आजकल ज्यादातर लोगों को ट्रैवल करते हैं। लोंगो के बीच ट्रेवलिंग का क्रेज काफी बढ़ रहा है। ऐसे में कुछ लोग कैंपिंग के लिए जाते हैं तो कुछ लोग ट्रैवललिंग के दौरान धर्मशाला या होटल में रुकना पसंद करते हैं। वहीं होटल में रुकना थोड़ा महंगा हो सकता है लेकिन वहां पर आपको सुविधा भी अच्छी मिलती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्यादातर लोगों को लगता है कि होटल में सभी कैमरे एक तरह के ही होते हैं, जबकि यह पूरी तरीके से सच नहीं है। शायद आपने पहले कभी नोटिस किया हो कि होटल में कॉर्नर वाला रूम बड़ा होता है। ऐसे में आज हम आपको इस लेख में कॉर्नर के रूम के बारे में बताएंगे। तो चलिए जानते हैं कि आपको होटल में हमेशा कोने वाला कमरा ही क्यों बुक करना चाहिए।
एक्स्ट्रा चार्ज करने की भी जरूरत नहीं
आपको बता दें कि होटलों की बिल्डिंग इस तरीके के बनी होती है कि कोर्नर वाले रूप की जगह थोड़ी ज्यादा हो जाती है। कॉर्नर वाले रूम को बुक करने के लिए कोई अलग तरीका नहीं होता है। बाकी रूम की तरह ही इसे बुक किया जा सकता है। इसके लिए आप चेक-इन करते वक्त डायरेक्ट रिसेप्शन पर पूछ सकते हैं कि अगर कॉर्नर वाला रूम किसी ने बुक न किया हो तो आप उसे बुक कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक्स्ट्रा चार्ज करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
बाकी कमरों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा स्पेस होती है
कोने वाले कमरों में बाकी कमरों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा स्पेस होती है। ऐसे में आप होटल में स्टे करने के लिए जब भी जाएं तो आप कॉर्नर रूम के बारे में जरूर पूछ लें। कॉर्नर वाले रूम में आपको कम रेंज में आपको ज्यादा स्पेस, ज्यादा रोशनी और बेहतर व्यू मिल सकता है। बाकी कमरों के मुकाबले आप कोने वाले कमरे में ज्यादा एंजॉय कर सकते हैं। ऐसे ही मैं आप जब भी होटल में स्टे करने के लिए जाएं तो कॉर्नर वाले रूम के बारे में जरूत पता कर लें।