Sikar News Today: सीकर में धनतेरस की रात सर्राफा शोरूम पर काम करने वाले कारीगर से लाखों रुपए का सोना लूटने के मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना का मास्टरमाइंड सर्राफा शोरूम मालिक का बेटा ही निकला। बेटे ने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। बेटे को पता था कि धनतेरस के दिन सोना ज्यादा आएगा, इसलिए उसी दिन वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

SHO सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया कि 7 नवंबर को असमत अली ने पुलिस थाने पर मुकदमा दर्ज करवाया कि वह घंटाघर के पास इंदरचंद सोनी की सोने-चांदी की दुकान पर काम करता है। जो वर्तमान में धोद रोड पर निवास करता है। हमेशा की तरह वह काम से फ्री होकर धनतेरस की रात 6 नवंबर को एक पर्स में दुकान का करीब 100 ग्राम से ज्यादा सोना स्कूटी की डिक्की में डालकर ले जा रहा था। इसी दौरान करीब 11 बजे के बाद धोद रोड पर माटोलियों की गली के पास एक बिना नंबर की स्विफ्ट गाड़ी आई। गाड़ी असमत की स्कूटी के आगे आकर रुकी, इसके बाद गाड़ी में से दो नकाबपोश उतरे। जिन्होंने सोना और करीब 7600 रुपए लूट लिए।

एसएचओ ने बताया कि पुलिस ने घटना के बाद एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखना शुरू किया। मामले में सबसे पहले रैकी करने वाले शक्ति सिंह को हिरासत में लिया। इसके बाद उसने घटना में शामिल अन्य चारों आरोपियों के नाम बताए। शक्ति से पूछताछ के बाद शनिवार रात मास्टरमाइंड मोहित सोनी (20) उर्फ मोनू पुत्र इंद्रचंद सोनी, शक्ति सिंह (19) पुत्र रनवीर सिंह, जयकांत शर्मा उर्फ बिट्टू (24), प्रियांशु वैष्णव (21) पुत्र रतनलाल, सौरभ शर्मा उर्फ चीनू (24) पुत्र परमेश्वर लाल को सीकरसे गिरफ्तार किया गया है। इनसे पूछताछ में सामने आया कि घटना का मास्टरमाइंड इंद्रचंद सोनी का बेटा है। वह पिछले काफी दिनों से पिता की दुकान का सोना लूटने की प्लानिंग कर रहा था। उसे पता था कि धनतेरस के दिन ज्यादा सोना रहेगा। सोना भी दुकान का कारीगर असमत अपने साथ लेकर जाएगा। ऐसे में उसने चार दोस्तों के साथ मिलकर प्लानिंग की। इसके बाद रात को इस वारदात को अंजाम दिया।

साथियों को बुलाकर करवाई लूट

मास्टरमाइंड आरोपी मोहित इतना शातिर है कि वह घटना के दिन सुबह से ही अपने मोबाइल में ऑनलाइन दुकान के सीसीटीवी देख रहा था। ऐसे में उसे पता था कि कब कारीगर निकल रहा है। ऐसे में उसने अपने साथियों को बुलाया और फिर इस वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपियों में शामिल प्रियांशु वैष्णव सीकर में पिछले करीब 4 साल से प्राइवेट स्कूल में टीचिंग कर रहा था। अब तक की जांच में सामने आया है कि मास्टरमाइंड मोहित के अलग-अलग खर्चे थे, जिसके लिए उसने अपने ही पिता के दुकान का सोना लूटने की प्लानिंग की। आरोपियों की गिरफ्तारी में कांस्टेबल दलीप भामू और दिनेश डोटासरा की विशेष भूमिका रही।