Rajatshan Weather: राजस्थान में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से राज्य का मौसम काफी ज्यादा बदल गया है। आपको बता दें कि राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर आंधी के साथ बारिश देखने को मिली है। वहीं, कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई है। बीते दिन जयपुर में दोपहर से लेकर शाम तक बूंदाबांदी देखने को मिली। वहीं, शाम करीब 8 बजे से लगभग 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश और ठंडी हवाओं की वजह से दिन के तापमान में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई है। वहीं, शाम को तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिल चुकी है और ठंड ने दस्तक दे दी है। कई जगहों पर लोग गर्म कपड़ों में भी नजर आए।
अगर बीते दिन की बात करें तो सुबह से ही मौसम काफी बदला हुआ दिखाई दिया। दिनभर बादल छाए रहे और कई जगहों पर बारिश भी हुई। टोंक रोड, मालवीय नगर, जगतपुरा, सोडाला और प्रताप नगर जैसी जगहों पर बारिश हुई। वहीं, पूर्वी राजस्थान की बात करें तो अर्नब तूफान से जुड़े निम्न दबाव क्षेत्र और अन्य मौसमी तंत्रों के प्रभाव से जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सीकर और सवाई माधोपुर में भी मौसम में बदलाव देखने को मिला है। कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि भी हुई। ऐसे में यहां के तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। राजस्थान के 12 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है। ऐसे में गुलाबी ठंड की शुरुआत हो चुकी है। वहीं, आज राजस्थान के कई इलाकों में बादल छाए रहने के साथ बादलों के गरजने की भी संभावना जताई जा रही है। साथ ही, बताया जा रहा है कि कई जगहों पर 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जयपुर, सवाई माधोपुर, करौली, टोंक, दौसा और भरतपुर में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जगहों के लिए अलग-अलग अलर्ट जारी किए गए हैं। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में इस समय मौसम शुष्क बने रहने की आशंका जताई जा रही है। अर्नब तूफान के मामले में राजस्थान में तूफान का सीधा प्रभाव नहीं रहा है, लेकिन इससे जुड़े मौसमी तंत्रों के प्रभाव की वजह से राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। मौसम में अचानक बदलाव का असर खेती पर भी दिखाई देगा। राजस्थान में वर्तमान में सरसों की बुवाई का दौर चल रहा है। बारिश से खेतों में मिट्टी में नमी बनने की वजह से किसानों को शुरुआती सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ सकती है। इससे सरसों की बुवाई करने वाले किसानों को राहत मिलने की संभावना है। वहीं, गेहूं और चने की आगामी फसल के लिए भी मिट्टी में नमी होना फायदेमंद हो सकता है।