Rajasthan Investment Scheme: प्रदेश में उद्योगों और निवेशकों को प्रोत्साहन राशि और छूट का लाभदेने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS-2024) की गाइडलाइंस में संशोधन किया गया है। इसमें वित्त विभाग ने भूमि पंजीकरण, प्रोत्साहन पैकेज, बिजली शुल्क छूट और रोजगार आधारित सब्सिडी के नियमों को बदलते हुए और स्पष्टता किया है। पैन और जीएसटीआईएन का होगा ऑटो-वेरिफिकेशनः योजना के फॉर्म उए में उद्यम की ओर से दी गई जानकारी का ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा। इसमें पैन और जीएसटीआईएन की वैधता, नाम का मिलान और भूमि से संबंधित विवरणों की जांच शामिल होगी।

निवेशक ईसी मिलने पर जमीन की रजिस्ट्री करवा सकेंगे

एंटाइटलमेंट सर्टिफिकेट (ईसी) मिलने के बाद उद्यम भूमि का पंजीकरण करा सकेंगे। रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प विभाग ईसी और रजिस्ट्री दस्तावेजों में खरीदार के नाम और खसरा या प्लॉट नंबर का ऑनलाइन मिलान करेगा। इस प्रक्रिया में पात्र इकाइयों को 75% स्टाम्प ड्यूटी और कन्वर्जन चार्ज की छूट का लाभ मिल सकेगा। जिन निवेशकों को विशेष शर्तों के साथ कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज मंजूर किया गया है, उन्हें शर्तें पूरी होने से पहले लागू स्टैंडर्ड इंसेंटिव पैकेज में भी आवेदन का विकल्प मिलेगा। इससे प्रोत्साहन के लिए इंतजार नहीं करना होगा।

एक इकाई के कई बिजली कनेक्शन तो छूट की गणना एकसाथ

एक ही इकाई के कई बिजली कनेक्शन होने पर इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी छूट की संयुक्त गणना होगी। रिन्युएबल एनर्जी परियोजनाओं में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने की तारीख संबंधित डिस्कॉम या नियामक संस्था के सिंक्रनाइजेशन सर्टिफिकेट जारी करने की तारीख मानी जाएगी। रोजगार सृजन और पेरोल सब्सिडी के दावों के सत्यापन के लिए सीए फॉर्मेट-22 शामिल किया गया है।