Rajasthan Fire News: उदयपुर जिले के खेरवाड़ा कस्बे से आग लगने का मामला सामने आया है। जहां मंगलवार देर शाम एक कबाड़ गोदाम में आग लग गई।  5 घंटे की कड़ी कशक्कत के बाद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। वहीं आसपास फायरस्टेशन नहीं होने से दमकल काफी देर से पहुंची। ऐसे में डूंगरपुर और उदयपुर से दमकलों को बुलाया गया। आपको बता दें कि घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद डूंगरपुर से 1 दमकल पहुंची, लेकिन तब तक आग ज्यादा फैल चुकी थी। एक गाड़ी उसे काबू करने में नाकाम साबित हुई। उदयपुर से दूसरी दमकल को पहुंचने में 3 घंटे से ज्यादा का समय लग गया। जब तक दोनों जगह से मदद पूरी तरह पहुंची, तब तक गोदाम आग काफी तेजी से फैल चुकी थी और सारा सामान भी खाक हो चुका था।

50 लाख रुपए का हुआ आर्थिक नकसान

आग शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक भी नहीं बुझाई जा सकी। मौके पर 3 फायरबिग्रेड की गाड़ियां पहुंची थी। गोदाम के मालिक अशोक कुमार ने बताया कि इस आग से करीब 50 लाख रुपए का आर्थिक नकसान हआ है। गोदाम के अंदर कबाड़ के अलावा स्क्रैप करने वाली एक कीमती मशीन भी लगी हुई थी। आग ने उस मशीन को पूरी तरह जला दिया है, अब वहां सिर्फ लोहे का ढांचा बचा है। अशोक के मुताबिक, उन्होंने कड़ी मेहनत से यह व्यापार शुरू किया था, लेकिन शॉर्ट सर्किट ने कुछ ही घंटों में सब बर्बाद कर दिया।

लोगों ने अपने स्तर पर पानी के निजी टैंकर मंगवाए

जब दमकलें देरी से पहुंचीं, तो स्थानीय लोग खुद ही मदद के लिए आगे आए। लोगों ने अपने स्तर पर पानी के निजी टैंकर मंगवाए और आग पर काबू पाने की कोशिश की। इसी बीच एमबीसी का एक टैंकर भी पानी लेकर वहां पहुंचा और आग बुझाने में सहयोग किया। हालांकि आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इन टैंकरों का पानी कम पड़ता गया। गनीमत यह रही कि गोदाम के चारों तरफ ऊंची दीवार बनी हुई थी। अगर यह चारदीवारी नहीं होती, तो आग पास के रिहायशी मकानों और दुकानों तक फैल सकती थी। इससे बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था।

कड़ी मेहनत के बाद देर रात तक बुझी आग

ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि गोदाम के बाहर किसी ने कचरा जलाया था, जिससे उठी चिंगारी ने कबाड़ में आग पकड़ ली। उदयपुर से आई दूसरी दमकल की कड़ी मेहनत के बाद देर रात तक आग शांत हुई। लेकिन तब तक गोदाम में सिर्फ राख और धुआं ही बचा था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर स्थित इतने बड़े कस्बे में दमकल केंद्र की कमी की वजह से आए दिन इस तरह के नुकसान झेलने पड़ते हैं।