Rajasthan Health News: आयुर्वेद अस्पताल और डिस्पेंसरी से वंचित गांवों और कस्बों तक अब मोबाइल वैन पहुंचेगी। आयुर्वेद निदेशालय ने इसके लिए 14 मोबाइल वैन ली हैं। इनका संचालन 41 जिलों में किया जाएगा। हर वैन में आयुर्वेद चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की टीम तैनात रहेगी। यह टीम लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देने के साथ उपचार और दवाइयां भी उपलब्ध कराएगी। चिकित्सक आयुर्वेदिक औषधियों की उपयोगिता और उनके सही इस्तेमाल की जानकारी भी देंगे। इस पहल से उन इलाकों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी अस्पताल या डिस्पेंसरी तक जाना पड़ता है।
डॉक्टर और दवाइयां मिलेंगी साथ
आपकी जानकारी के लिए मोबाइल वैन के जरिए चिकित्सा सुविधा गांवों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। मोबाइल वैन का काम केवल मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराना ही नहीं होगा, बल्कि लोगों को आयुर्वेद के महत्व से भी परिचित कराना होगा। टीम आमजन को बताएगी कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में खानपान, दिनचर्या, जीवनशैली और औषधियों का कितना महत्व है। अलग-अलग बीमारियों में आयुर्वेदिक औषधियों की उपयोगिता और उनके सही इस्तेमाल की जानकारी भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति से जोड़ना और इसके प्रति जागरूक करना है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ आयुर्वेद की पहुंच भी सीमित है, वहां यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है।
जहां मरीज ज्यादा, वहां लगेंगे शिविरः मोबाइल वैन से गांवों में पहुंचने वाली टीम स्थानीय स्वास्थ्य जरूरतों का आकलन करेगी। जहां मरीजों की संख्या अधिक होगी या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं ज्यादा सामने आएंगी, वहां विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। जांच, चिकित्सकीय परामर्श और जरूरत के अनुसार उपचार की सुविधा दी जाएगी। इससे दूरी और समय की वजह से अस्पताल नहीं पहुंच पाने वाले लोगों को भी लाभ मिल सकेगा। गांव-कस्बों में आमजन को आयुर्वेद पद्धति से उपचार मिल सके, इसके लिए 14 मोबाइल वैन शुरू करने जा रहे हैं। मरीजों को दवा और उपचार दोनों मिलेंगे। जहां जरूरत महसूस होगी, वहां शिविर भी लगाए जाएंगे।