Rajasthan Transport Department: फलोदी बस हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए कोटा में निजी स्लीपर बसों के खिलाफ दूसरे दिन भी सघन अभियान चलाया गया है। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सुबह से हाईवे पर चलने वाली बसों की गहन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान दो बसों को सीज किया गया, जबकि कई बसों के चालान काटे गए।

कई बसों पर लगा जुर्माना

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोटा में शुक्रवार सुबह करीब छह बजे शुरू हुई संयुक्त कार्रवाई के दौरान छह निजी स्लीपर बसों की पूरी तरह जांच की गई। जांच में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर बाबू ट्रेवल्स और जाखड़ ट्रेवल्स की एक-एक बस को सीज कर दिया गया। इसके अलावा अन्य बसों के चालान बनाए गए, जिनकी कुल राशि करीब 40 हजार रुपये रही। इसके साथ ही बता दें कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गीता चौधरी ने बताया कि फलोदी बस हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत देशभर में हाईवे पर संचालित बसों की सुरक्षा जांच कराई जा रही है। इसी क्रम में कोटा में अभियान चलाकर इमरजेंसी गेट, बस की लंबाई-चौड़ाई और बॉडी में किए गए किसी भी अवैध मॉडिफिकेशन की बारीकी से जांच की जा रही है। जिन बसों में इमरजेंसी गेट बंद मिला या उसके सामने सीट और स्लीपर बर्थ बनाकर रास्ता बाधित किया गया था, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

एक्शन मोड में प्रशासन

टीम ने फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, लगेज क्षमता और निर्धारित सीटिंग व स्लीपर बर्थ की भी जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज कुमार मित्तल, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र पुरोहित, यातायात निरीक्षक पूरण सिंह, परिवहन निरीक्षक परवीन अख्तर सहित परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।