Highway Construction Rajasthan: जयपुर-किशनगढ़ हाईवे पर अब 594.51 करोड़ रुपए की लागत से 5 नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही करीब 90 किमी हिस्से में हाईवे के दोनों ओर सर्विस रोड, ड्रेनेज सिस्टम और सड़क सुरक्षा से जुड़े काम होंगे। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए राशि मंजूर कर दी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण के लिए टेंडर भी दे दिया है और कई जगह काम शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि नए फ्लाईओवर उन पांच स्थानों पर बनेंगे, जो ब्लैक स्पॉट रहे हैं। इस परियोजना से स्थानीय वाहनों की आवाजाही मुख्य हाईवे से अलग हो सकेगी। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होने और वाहनों की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। पूरी परियोजना को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

145 करोड़ रुपए फ्लाईओवर निर्माण पर खर्च होंगे

मिली जानकारी के मुताबिक, जयपुर से किशनगढ़ के बीच बड़ के बालाजी, नांसनोता, गिडानी, दांतरी और टोलामाल में नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। ये पांचों स्थान ब्लैक स्पॉट रहे हैं। कुल 594.51 करोड़ रुपए की परियोजना में से करीब 145 करोड़ रुपए फ्लाईओवर निर्माण पर खर्च होंगे। निर्माण के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। साथ ही बता दें कि एनएचएआई ने 14 महीने पहले जयपुर-किशनगढ़ हाईवे पर नर्सिंगपुरा, दहमीकलां, महलां, सावरदा, गाडोता, मोखमपुरा, पड़ासोली, कमला नेहरू नगर, भांकरोटा और बांदर सिंदरी में 10 फ्लाईओवर बनाए थे। इससे स्थानीय वाहनों की क्रॉसिंग के कारण होने वाली बाधाएं कम हुई। हालांकि, हाईवे पर ट्रैफिक 90 हजार से बढ़कर 1 लाख 20 हजार पीसीयू पहुंच गया है। इसके चलते वाहन अब भी औसतन 70 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं।

पानी भरने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी गांवों और कस्बों से आने वाले वाहन सीधे हाईवे पर चढ़ते-उतरते हैं। कट पॉइंट और स्थानीय वाहनों की आवाजाही के कारण मुख्य हाईवे का ट्रैफिक बार-बार प्रभावित होता है। सर्विस रोड बनने से स्थानीय वाहन मुख्य हाईवे पर आए बिना आवाजाही कर सकेंगे। ऐसे में ड्रेनेज सिस्टम बनने से सड़क पर पानी भरने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।