Girls Safety: बालिकाओं से छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी बालिका स्कूलों और छात्रावासों में बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही निरीक्षण के दौरान महिला कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। विभाग के वरिष्ठ शासन उप सचिव ओपी वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
अनुमति के बिना अब प्रवेश नहीं दिया जाएगा
इस आदेश के बाद भी संयुक्त निदेशकों को निर्देश जारी किए कि प्रदेश के सभी सरकारी बालिका विद्यालय/छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों को सक्षम स्तर की अनुमति के बिना अब प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अब बालिका स्कूलों एवं छात्रावास में किसी से मिलने आने वालों को बालिका के अभिभावकों की लिखित अनुमति दिखानी होगी।
किसी भी व्यक्ति को बालिका से मिलने की अनुमति नहीं
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिना अभिभावक की अनुमति के किसी भी व्यक्ति को किसी भी बालिका से मिलने नहीं दिया जाएगा और न ही विद्यालय और छात्रावास परिसर में प्रवेश करने दिया जाएगा। इसके साथ ही आपको बता दें कि प्रदेश के सभी केजीबी एवं अन्य बालिका विद्यालय, बालिका छात्रावास में सक्षम स्तर यथा प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापिका, अधीक्षक की लिखित अनुमति अनिवार्य रहेगी।
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बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्त निगरानी रखी जाएगी
इसके अलावा, छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों को भी नियमों का पालन करना होगा और वे बालिका विद्यालय या छात्रावास में रात्रि विश्राम नहीं कर सकेंगे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि यह निर्णय बालिका विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नए निर्देशों से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।