Monsoon Waterlogging: इस बार मानसून के दौरान शहर की कुम्हेर रोड, कृषि उपज मंडी और आसपास के क्षेत्रों में हुए भारी जलभराव से जब आम जनता और व्यापारी त्रस्त होकर निकल गए, लेकिन अगली इन्हें संभवत इस समस्या से गुजरना नहीं पड़ेगा। भरतपुर विकास प्राधिकरण अब कृषि उपज मंडी से आरएनएफसीडी क्षेत्र (कुम्हेर रोड से सेक्टर-3 जीएसएस पार्क तक) में नए नाले का निर्माण 722.33 लाख (लगभग 7.22 करोड़ रुपए) कराएगा। बीडीए यह काम अगले माह से शुरू करने वाला है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मानसून आने से पहले हर हाल में नाला पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह नाला ढाई मीटर चौड़ा एवं 2 मीटर ऊंचा बनेगा। यह पार्क तक बनेगा और वहां से अगले नालों में क्रॉस होगा। बीडीए कमिश्नर कनिष्क कटारिया ने बताया कि अभी जो नाला है वह छोटा है, लेकिन मंडी में हर साल करोड़ों का अनाज खराब हो जाता है।
वहीं,नाला बनने से जल निकासी तेज होगी और पानी नहीं भरेगा। कुम्हेर रोड भरतपुर का मुख्य मार्ग है। जलभराव के कारण हर मानसून में यहां 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता है। बारिश के दौरान कृषि उपज मंडी में पानी भरने से हर साल करोड़ों रुपए की अनाज बोरी और उपज खराब हो जाती थी। नाला बनने से जल निकासी तेज होगी और पानी नहीं भरेगा। कुम्हेर रोड भरतपुर का मुख्य मार्ग है। जलभराव के कारण हर मानसून में यहां 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता था, इस तरह इस नाले से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष से करीब 6 हजार लोगों को फायदा होने वाला है।
बता दें कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह बड़ा नाला बनाया जा रहा है। इससे कुम्हेर रोड, कृषि मंडी और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इन क्षेत्रों का पानी सीएफसीडी एवं आरएनएफसीडी में आसानी से चला जाएगा, जिससे यहां के हजारों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि यह काम अगले मानसून से पहले पूरा कर लिया जाए। नाला निर्माण में 650 मीटर प्रीकास्ट कंक्रीट बॉक्स और एम50 ग्रेड कंक्रीट का उपयोग अनिवार्य किया गया है। साथ ही ढलाई का काम मौके पर करने के बजाय फैक्टरी से बने ब्लॉक लाकर रखे जाएंगे, जिससे सड़क पर ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी और काम बहुत कम समय में पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही आपको बता दें कि काम में ली जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से सर्टिफिकेट लेना होगा।